सात फरवरी से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इस बार नकल रोकने के लिए वॉयस रिकार्डर सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ कई नए बदलाव किए गए है। जिससे ना सिर्फ नकल पर रोक लगेगी बल्कि परीक्षक को कॉपी जांचने में भी आसानी रहेगी।
बुधवार को रायफल क्लब में वाराणसी के जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि अक्सर परीक्षा के बाद कॉपी में पेज बदलने की घटनाएं सामने आती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई है। जिसमें परीक्षार्थियों को कॉपी के हर पेज पर अपना रोल नंबर लिखना होगा।
इस बार परीक्षा केंद्रों पर हर कमरे में दो-दो वॉयस रिकार्डर कैमरे लगाए गए है और कॉपी पर कोडिंग भी कराई गई है। डीएम ने बताया कि केंद्र पर नकल मिलने पर कक्ष निरीक्षक से लेकर जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट की जवाबदेही होगी और कार्रवाई भी होगी। यदि परीक्षा में नकल हुई तो कक्ष निरीक्षक का जेल जाना तय है। नकल पर नकेल लगाने की जिम्मेदारी केंद्र अध्यक्षों और कक्ष निरीक्षकों की होगी।
सामूहिक नकल होने पर उस केंद्र के अध्यक्षों के अलावा मजिस्ट्रेट के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और अनुचित साधन निवारण एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। सात फरवरी से होने वाली परीक्षा में 149 केंद्रों पर 1,09,953 परीक्षार्थी शामिल होंगे, इसमे हाइस्कूल में 59754 और इंटर मे 50159 परीक्षार्थी है।