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अव्यवस्थाओं के बीच यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू, पहले दिन 112417 ने छोड़ी परीक्षा

Thu, 16 Mar 2017 11:02 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
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यूपी बोर्ड परीक्षा - फोटो : self
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भारी अव्यवस्था के बीच यूपी की बोर्ड परीक्षाएं बृहस्पतिवार से शुरू हो गईं। पहले दिन हुई हाईस्कूल और इंटर के हिंदी विषय की परीक्षा में पूर्वांचल के 112417  परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा के दौरान शहरी इलाकों में तो सख्ती दिखी पर ग्रामीण क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों पर खुल कर नकल हुई।
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गाजीपुर में 28 कक्ष निरीक्षकों को कार्यमुक्त कर दिया गया। छह छात्र दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पकड़े गए। इसमें आजमगढ़, गाजीपुर में दो-दो और वाराणसी तथा जौनपुर में एक-एक मुन्नाभाई शामिल था। पहले दिन विभिन्न जिलों में 75 छात्र नकल करते पकड़े गए जबकि आजमगढ़ और गाजीपुर के परीक्षा केंद्रों पर सामूहिक नकल पकड़ी गई।

संयुक्त शिक्षा निदेशक ने आजमगढ़ के विद्यालय की हिंदी की परीक्षा निरस्त करने की संस्तुति की है। भदोही में कुछ परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र में विषय ही बदल दिए जाने का मामला भी सामने आया है। 
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बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन अधिकारियों के परीक्षा में शुचिता के दावे की धज्जियां उड़ती दिखीं। मानकों के उलट तमाम परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों को जमीन पर बैठा कर परीक्षा कराई गई। पहले दिन की परीक्षा में कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की भारी कमी की बात भी सामने आई।

नकल रोकने के लिए उड़ाका दलों ने छापे मार कर बलिया में 56, गाजीपुर में 05, मऊ में 1, मिर्जापुर में 3, जौनपुर में 7 चंदौली में 3 परीक्षार्थियों को नकल करते पकड़ा।

गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर स्थित झारखंड महादेव इंटर कालेज और आजमगढ़ के पल्हनी स्थित विवेकानंद इंटर कालेज शेखपुरा में सामूहिक नकल मिली। संयुक्त शिक्षा निदेशक रामचेत ने आजमग़ढ़ के विद्यालय के हाईस्कूल हिंदी प्रश्नपत्र की परीक्षा निरस्त करने की संस्तुति की है।
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ऐसा मामला भी आया सामने

बोर्ड परीक्षा देते परीक्षार्थी।
भदोही के बवईं में 12वीं की परीक्षा दे रहे सचिन कुमार ने बताया कि उसने दो साल तक विज्ञान की पढ़ाई की, लेकिन प्रवेश पत्र में आर्ट्स के विषय अंकित मिले। मजबूरी में उसे आर्ट्स की परीक्षा देनी पड़ रही है। उधर वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में अधिकांश केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों का टोटा रहा, कमरे में दो के बजाय एक ही कक्ष निरीक्षकों ने ड्यूटी की। इस संबंध में डीआईओएस ने बीएसए से बात कर परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की तैनाती का जो आदेश जारी किया था, उसका भी कोई असर नहीं दिखा। 
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