प्रवक्ता जितेंद्र कुमार ने कहा कि परीक्षा कोई भी हो। मन में डर तो कतई न पालें। खाना-पीना छोड़कर हर वक्त सिर्फ परीक्षा में बारे में ही न सोचें। सकारात्मक सोचें, शिक्षकों और अभिभावकों से विचार-विमर्श करते रहें। पाठ्यक्रमों का रिवीजन करें और तनावमुक्त होकर परीक्षा दें। सफलता की गांरटी पक्की है। परीक्षा को हावी न होने दें। परेशान न हों। अच्छी नींद लें।
विद्यालय के शिक्षक डॉ. विवेक ने कहा कि तनाव मुक्त परीक्षा के लिए इस तरह कार्यक्रम बहुत उपयोगी है। मनोवैज्ञानिकों की ओर से दिए गए सभी सलाह विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान माननी चाहिए। इससे परिणाम भी अच्छे आएंगे। हेल्दी खाना खाएं। समय का प्रबंधन बहुत जरूरी है।
बोले छात्र
- तनावमुक्त परीक्षा कार्यशाला अच्छी रही। इसमें बहुत कुछ नया जानने को मिला। -अमित कुमार
- परीक्षा से पहले इस तरह के कार्यक्रम से प्रेरणा मिलती है और परीक्षा के कम परेशानी कम होती है। -अनुज सिंह
- जिस तरह से तनाव मुक्त होकर परीक्षा देने की जानकारी दी गई, वह काफी अहम है। -अभिषेक
- इस तरह के कार्यक्रम में शामिल होने का पहली बार मैाका मिला जिसमें कई बाते उपयोगी लगी। -राजेश सिंह