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UP Chunav 2022: ममता बनर्जी बोलीं- हार के डर से हो रहा विरोध, अब बिना हराए बनारस से नहीं जाऊंगी

Thu, 03 Mar 2022 10:25 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने चेतगंज में ममता बनर्जी के काफिले को जय श्रीराम का नारा लगाते हुए काले झंडे दिखाए। इस पर ममता ने गाड़ी रोकी और सड़क पर उतर गईं।
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वाराणसी में बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को काला झंडा दिखा कर किया गया विरोध। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ऊपर बुधवार शाम तीन बार काला और भगवा झंडा दिखाया गया। चेतगंज चौराहे के पास प्रदर्शनकारियों को देख ममता ने अपनी फ्लीट रूकवा दी। हाथों में काला झंडा लिए छह से आठ की संख्या में प्रदर्शनकारियों के सामने ममता चुपचाप खड़ी हो गईं।

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करीब 20 मिनट तक प्रदर्शनकारी जयश्रीराम के नारे लगाए और ममता के मुंह पर काले झंडे भी फेंके, जिन्हे सुरक्षाकर्मियों ने रोक लिया। चेतगंज पुलिस की प्रदर्शनकारियों की धक्कामुक्की हुई। इस दौरान ममता ने कहा कि हार के डर से यह सब हो रहा है। अब बिना हराए यहां से नहीं जाऊंगी।

 आरोपियों को चेतगंज पुलिस ने हिरासत में लिया
बुधवार को इस दौरान 20 मिनट तक माहौल तल्ख रहा और जैसे ही गोदौलिया चौराहे पर ममता का काफिला पहुंचा तो वहां भी तैनात प्रदर्शनकारियों ने काफिले पर झंडा लहराया। इस पूरे घटनाक्रम की भनक कमिश्नरेट पुलिस की एलआईयू को नहीं लग सकी। ममता को हिंदू विरोधी बताकर प्रदर्शन करने वाले आरोपियों को चेतगंज पुलिस ने हिरासत में लिया है।

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हिंदू युवा वाहिनी का पोस्टर लेकर प्रदर्शन करने वाले हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता बताए गए हैं। ममता बनर्जी का काफिला जैसे ही चेतगंज चौराहे से थोड़ा आगे बढ़ा कि अचानक छह से आठ की संख्या में प्रदर्शन कारी हाथों में विवादित पोस्टर और काले झंडे लेकर लहराने लगे। यह देख ममता ने अपना काफिला रूकवा दिया और कार से नीचे सड़क पर उतर आई।

सुरक्षाकर्मियों को हिदायत देती रहीं ममता बनर्जी

बनारस में ममता बनर्जी - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ममता वापस जाओ, जयश्रीराम के नारे लगाए। एकदम ममता के करीब आकर कुछ प्रदर्शनकारियों ने झंडे फेंके, जिन्हें ममता की सुरक्षा में लगे कर्मियों ने रोक लिया। करीब 20 मिनट तक पुलिस कर्मियों और प्रदर्शनकारियों में नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। इस दौरान ममता कभी मुस्कुराती तो कभी अपने साथ सुरक्षाकर्मियों को हिदायत देती रहीं।

पीछे लंबा जाम और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद ममता का काफिला जब दशाश्वमेध घाट गंगा आरती के लिए आगे बढ़ा तो गोदौलिया चौराहे पर भी प्रदर्शनकारियों ने काफिले पर काले झंडे फेंके। हालांकि काफिला रूका नहीं। वहीं गंगा आरती से आते वक्त दशाश्वमेध घाट पर भगवा झंडा लहराते हुए विरोध में नारेबाजी की गई। ममता की सुरक्षा में पुलिस की बड़ी चूक मानी जा रही है।

सीढ़ियों पर बैठकर 35 मिनट ममता ने देखी गंगा आरती

वाराणसी में बुधवार को दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती देखने पहुंचीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी । - फोटो : अमर उजाला
बुधवार शाम ममता बनर्जी आम श्रद्धालुओं की तरह घाट की सीढ़ियों पर बैठकर गंगा आरती शुरू होने का इंतजार करने लगीं। आयोजकों ने जब ममता को कुर्सी पर बैठकर आरती देखने का अनुरोध किया तो उन्होंने मना कर दिया। दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने उनका स्वागत किया।
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ममता की सादगी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गंगा सेवा निधि की ओर से इनके लिए घाट पर कुर्सियां लगाई गई थी, लेकिन ममता ने कहा कि मां गंगा की आरती घाट की सीढ़ियों से देखूंगी। तय समय से आरती आरंभ हुई और ममता बनर्जी ने सीढ़ी पर ही बैठकर मां गंगा की आरती देखी। पैरों में समस्या होने के कारण पूजन में खुद न जाकर उनके नाम और गोत्र से गंगा पूजन हुआ। 
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