इग्नू के माध्यम से बीएचयू कैंपस में पढ़ाई करने का सपना पूरा हो सकता है। कृषि के छात्रों को ये मौका मिल रहा है। बीएचयू के डेयरी और खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग में संचालित इग्नू अध्ययन केंद्र में कृषि कोर्स के लिए आवेदन शुरू हो गया है। इसमें आवेदन की अंतिम तिथि 15 फरवरी रखी गई है।
इन केंद्रों में कृषि और खाद्य क्षेत्र से संबंधित कोर्स चलते हैं। इनमें डीडीटी (डिप्लोमा इन डेयरी टेक्नोलॉजी), (एफएसक्यूएम फूड सेफ्टी क्वलिटी मैनेजमेंट), एमएससी-एफएसक्यूएम, ऑर्गेनिक फार्मिंग, हॉर्टीकल्चर, पोल्ट्री फार्मिंग, मधुमक्खी पालन और बीएससी एफएसक्यूएम कोर्स शामिल हैं।
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केंद्र के समन्वयक डॉ. अरविंद ने बताया कि इस कोर्स में पढ़ाई पूरा कर निकलने वाले छात्र और छात्राओं को फूड सेफ्टी और डेयरी तकनीक की कंपिनयों में नौकरी मिल रही है। इन कोर्स के लिए किसी तरह की आयु सीमा निर्धारित नहीं है और विद्यार्थी नौकरी करते हुए भी इग्नू की पढ़ाई कर सकते हैं। डेयरी में चल रहे इग्नू के कोर्स विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए हैं और उनकी सिलेबस की गुणवत्ता उच्च स्तर की होती है।
बीएचयू में काशी नेपाल शास्त्र संगम के तहत शास्त्रार्थ होगा। संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में दो दिन 13 और 14 फरवरी को भारत और नेपाल की कला, संस्कृति और शास्त्रों की परंपराओं से परिचय के लिए ये महोत्सव कराया जा रहा है। इसमें शास्त्रार्थ के लिए सेमिनार, काशी भ्रमण और कला संस्कृति का परिचय जैसे प्रमुख कार्यक्रम होंगे। इसमें भारत और नेपाल दोनों देशों के कला और संस्कृत के विद्वान होंगे। शास्त्रार्थ में भारत और विदेशियों को लेकर कुल 17 विद्वान होंगे।
आमंत्रित विदेशी विद्वानों में नेपाल से डॉ. केशवशरण अर्याल, डॉ. भोलानारायण रेग्मी, डॉ. विश्वनाथ घिताल, डॉ. रामप्रसाद पौडेल, उप प्राध्यापक लक्ष्मण आचार्य, उप प्राध्यापक उपेंद्र दाहाल, डॉ. माधव प्रसाद लामिछाने, डॉ. नारायण प्रसाद बराल और डॉ. वैकुंठ घिमिरे आएंगे। वहीं, बीएचयू से प्रो. हरीश्वर दीक्षित, प्रो. रजनीश पांडेय, प्रो. शीतलाप्रसाद पांडेय, प्रो. प्रद्युम्न शाह सिंह, प्रो. सुनील कात्यायन, प्रो. माधव जनार्दन रटाटे, प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी, प्रो. रमाकांत पांडेय होंगे। संरक्षक कुलपति और अध्यक्ष संकाय प्रमुख होंगे।