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UP: अनट्रेंड ने किया ऑपरेशन...प्रसव के एक घंटे बाद महिला की मौत, अस्पताल पर हो चुकी है कार्रवाई; होगी जांच

Sat, 04 Apr 2026 07:52 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।

सार

Bhadohi News: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में कान्हा पाली क्लीनिक में प्रसूता की मौत की जानकारी के बाद परिजनों ने हंगामा मचा दिया। सूचना पाकर औराई कोतवाली की पुलिस भी पहुंच गई। सीएमओ ने जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
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प्रसूता की मौत के बाद नाराज परिजन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP News: औराई कोतवाली क्षेत्र के त्रिलोकपुर नहर पर कान्हा पाली क्लीनिक में प्रसव के बाद उपरौठ निवासी प्रसूता चंद्रिका यादव (25) की मौत हो गई। शनिवार को क्लीनिक पहुंचकर परिजनों ने हंगामा किया। मामला तूल पकड़ने पर पुरानी परपाटी के तहत स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम गठित कर दी। उक्त अस्पताल में एक साल के अंदर यह चौथी मौत है। इसके पूर्व उसे तीन बार सील किया जा चुका है। हर बार नाम बदलकर संचालन शुरू हो जाता है।

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उपरौठ निवासी 25 वर्षीय चंद्रिका यादव शुक्रवार शाम को कान्हा क्लीनिक पर प्रसव कराने के लिए पहुंची। आरोप है कि परिजनों को बिना सूचना दिए अनट्रेंड ने ऑपरेशन कर दिया। एक घंटे बाद जच्चा-बच्चा को छुट्टी मिल गई। रक्तस्राव अधिक होने के चलते महिला की शनिवार की सुबह मौत हो गई। 

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परिजनों में मचा कोहराम

परिजन को जानकारी हुई कि ऑपरेशन करने के बाद पेट में टांके लगाने में लापरवाही बरती गई। इसके बाद क्लीनिक पर पहुंचकर हंगामा किया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी क्लीनिक से भाग गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया तो नाराज लोग शांत हुए। 

मृतका के पति धर्मेंद्र यादव ने कहा कि चंद्रिका को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार की शाम त्रिलोकपुर स्थित कान्हा क्लीनिक में भर्ती कराया था। रात 11 बजे बेटी पैदा हुई। डॉक्टर ने बताया कि नार्मल प्रसव हो जाएगा। उन्हें बिना बताए ही आपरेशन किया गया। शनिवार की भोर में भदोही नगर के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

मालिक एक, क्लीनिक का बदलता रहा नाम
त्रिलोकपुर नहरा पर अवैध अस्पतालों का जाल फैला है। कान्हा क्लीनिक ही नहीं यहां पर करीब छह से सात अस्पताल ऐसे हैं जहां अनट्रेंड ही लोगों का उपचार करते हैं। क्लीनिक के बाहर विशेषज्ञ का बोर्ड अवश्य लगा है, लेकिन वह आते नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की विशेष कृपा होने से इन पर कोई कार्रवाई भी नहीं होती है। जहां पर घटना हुई उक्त अस्पताल का मालिक एक ही है जबकि क्लीनिक का नाम बदलता रहता है। पहले गुप्ता पाली क्लीनिक, उसके बाद न्यू गुप्ता पाली क्लीनिक, धीरज पाली क्लीनिक और अब कान्हा क्लीनिक बन गया।

केस 1- दिसंबर 2025 में औराई कोतवाली के दीक्षितपुर चकौड़ा निवासी शिवम पाल की पत्नी पम्मी पाल (25) को प्रसव पीड़ा होने पर त्रिलोकपुर नहरा स्थित पाली क्लीनिक में भर्ती कराया। प्रसव के बच्चे के मुंह में कचरा था। डॉक्टर ने नली लगाई। इससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया। जिसके बाद अस्पताल सील कर दिया गया।

केस 2- अक्तूबर 2025 में मिर्जापुर जिले के चील्ह थाना क्षेत्र के तिलठी निवासी एक महिला की धीरज क्लीनिक पर मौत हुई थी। तब जिलाधिकारी शैलेश कुमार के निर्देश पर एसडीएम औराई आकाश कुमार, कोतवाल रामसरीख गौतम और सीएमओ मौके पर पहुंचे थे। क्लीनिक को सील कर दिया गया था। संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, हालांकि नाम बदलकर फिर संचालन होने लगा।
 
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मामले की जांच करने के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. एके मौर्य, डाॅ. सूफिया को नामित किया गया है। जो 48 घंटे में अपनी जांच रिपोर्ट देगे। इसके बाद सील की कार्रवाई की जाएगी। - सीएमओ डाॅ. एसके चक

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