विधानसभा चुनाव को लेकर प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद राजनीति सरगर्मी बढ़ गई है। इस दौरान पाला बदलने वाले प्रत्याशियों को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कल तक पार्टी के कार्यकर्ता जिसके खिलाफ प्रचार करते थे, आज उसी के साथ चलकर लोगों से वोट मांगने लगे हैं।
इसको लेकर मतदाताओं में भी अपनी अलग-अलग राय है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों में घमासान जारी है। समाजवादी पार्टी में मचे राजनीतिक उठापठक के बीच बलिया जिले के फेफना विधानसभा सीट से पूर्वमंत्री अंबिका चौधरी और बलिया नगर से विधायक नारद राय ने पार्टी से नाता तोड़कर बहुजन समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और चुनाव लड़ रहे हैं।
ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं का भी ठिकाना बदल गया है। अपने पार्टी के प्रत्याशी को जिताने के लिए दंभ भरने लगे हैं। नए नेता के साथ क्षेत्रों में भ्रमण से लेकर उनकी सभाओं एवं प्रचार तक में शामिल हो रहे हैं।
इसके अलावा बांसडीह विधानसभा सीट से पूर्व में घोषित सपा प्रत्याशी नीरज सिंह गुड्डू का कहना है कि राजनीतिक साजिश के तहत उनका टिकट कटा है लेकिन वह चुनाव अवश्य लड़ेंगे। इसकी पूरी तैयारी चल रही है।
इसी तरह सपा के पूर्व जिला महासचिव मनोज सिंह भी बैरिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, उनका कहना है कि पार्टी की तरफ से भले ही उन्हें टिकट देने में नजरंदाज किया गया लेकिन वह हार नहीं मानेंगे।
चुनाव अवश्य ही लड़ेंगे। इसी तरह से देखा जाए तो सपा के प्रमुख दिग्गजों में कुछ ने पार्टी बदलकर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि कुछ बिना दूसरे पार्टी में सम्मिलित हुए ही चुनाव लड़ने की हुंकार भर रहे हैं।
बांसडीह विधानसभा सीट पर भाजपा से टिकट की दावेदारी मानी जा रही केतकी सिंह टिकट कटने को लेकर हैरान हैं, लेकिन उन्हें अभी भी उम्मीद है कि अंतिम क्षणों में शायद पार्टी अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर उनको मौका दे दे।