ट्रैक पर जानबूझकर रखी गई थी बाइक और ट्राइसाइकिल
आशापुर रेलवे क्रासिंग नंबर 19-20 के बीच सोमवार की रात करीब 12 बजे ट्रैक पर लावारिस बाइक और ट्राइसाइकिल मिलने की घटना से रेलवे सुरक्षा तंत्र सकते में है। मंगलवार को आरपीएफ के अलावा एटीएस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। कानपुर के रेल हादसे के मद्देनजर आतंकियों की भूमिका की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
हालांकि अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन घटना में मिले साक्ष्य कुछ उसी ओर इशारा कर रहे हैं। रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारी भी कानपुर की घटना को दोहराने के प्रयास की किसी साजिश या ट्रायल से इनकार नहीं कर रहे हैं।
दरअसल, आरपीएफ ने ट्रैक पर से जिस ट्राइसाइकिल को जब्त किया है, उस पर किसी के बैठने या प्रयोग के निशान नहीं मिले हैं। जबकि, बाइक कुछ घंटे पहले ही पास के ही इलाके से चुराई गई थी।
इसका मुकदमा भी सारनाथ थाने में दर्ज किया गया है। बाइक ट्रैक पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी जबकि ट्राइसाइकिल सलामत थी। आरपीएफ सूत्राें का कहना है कि यह संयोग नही हो सकता कि ट्रैक पर बाइक क्षतिग्रस्त हो और उसके कुछ दूर पर ही ट्राइसाइकिल पड़ी हो और वह पूरी तरह सलामत हो। जाहिर है, बाइक के क्षतिग्रस्त होने के बाद ट्राइसाइकिल को ट्रैक पर रखा गया।
आतंकी साजिश सहित सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर एटीएस समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं।
बता दें कि सोमवार की रात 12 बजे नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस गुजरने के बाद ठीक बाद आशापुर स्थित क्रासिंग नंबर 19-20 के बीच रेल ट्रैक पर बाइक और ट्राइसाइकिल मिलने से रेलवे सुरक्षा तंत्र के होश उड़ गए थे।
जान-माल को जान-बूझकर खतरा उत्पन्न करने की रेलवे एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।