बीएचयू में ललिता कला से इतर विद्यार्थियों की अनदेखी रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच दिया गया। मंगलवार को नगर छात्र निकाय स्थित कला सूत्र आर्ट स्टूडियो और गैलरी में ‘अनसीन एग्जीबिशन 2026’ की शुरुआत हुई। चित्रकला की पढ़ाई से ताल्लुक न रखने वाले 72 विद्यार्थियों की फोटोग्राफी, डिजिटल आर्ट, स्केचिंग में से 32 उत्कृष्ट कलाकृतियों को चुनकर प्रदर्शनी लगाई गई।
उद्घाटन बीएचयू न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो. विजय नाथ मिश्र ने किया। डीन ऑफ स्टूडेंट्स प्रो. रंजन कुमार सिंह भी मौजूद रहे। प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने कहा कि कला केवल सौंदर्य की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को नई दृष्टि देने का माध्यम भी है। वहीं प्रो. रंजन कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।चित्रकलाओं का मूल्यांकन दृश्य कला संकाय के चित्रकला विभाग के सहायक आचार्य डॉ. ललित मोहन सोनी और व्यावहारिक कला विभाग के सहायक आचार्य डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने किया। इन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी उन अनदेखी प्रतिभाओं को सामने लाने का प्रयास है जो अब तक सीमित दायरे में अपनी कला का सृजन कर रही थीं।
6 जून तक चलेगी प्रदर्शनी
यह प्रदर्शनी दो जून से छह जून तक चलेगी और हर दिन सुबह 10:00 बजे से शाम पांच बजे तक आम लोगों, कला प्रेमियों और विश्वविद्यालय के लोगों के लिए खुली रहेगी। कार्यक्रम का आयोजन चीफ वार्डन प्रो. ललित मोहन अग्रवाल और प्रदर्शनी के समन्वयक डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने किया।