संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से प्रकाशित होने वाली विश्वविद्यालय वार्ता और सरस्वती सुषमा का प्रकाशन जल्द शुरू हो जाएगा। कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी की पहल पर शासन ने इसके लिए एक करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। शुक्रवार को कुलपति की अध्यक्षता में प्रकाशन की बैठक हुई।
निदेशक प्रकाशन संस्थान डॉ. पद्माकर मिश्र ने बताया कि विश्वविद्यालय वार्ता के संपादक मंडल का पुनर्गठन किया गया है। सरस्वती सुषमा के प्रकाशन के लिए भी पहल की जा रही है। कुलपति की पहल पर शासन ने प्रकाशन संस्थान को एक करोड़ रुपये अनुदान की स्वीकृति प्रदान की है। प्रदेश सरकार की ओर से प्रकाशन मद में केवल तीस लाख रुपये ही आवंटित है। बता दें कि 2009 में घोटाले के बाद लंबे समय से प्रकाशन कार्य लंबित था।
समस्या से अवगत कराएं होगा समाधान
कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि विश्वविद्यालय परिवार अपने-अपने निर्धारित दायित्वों का समयानुसार पूर्ण करें। किसी भी सदस्य को कोई समस्या है तो निर्धारित नियम के अनुसार अवगत कराएं। समाधान तत्काल किया जाएगा। कुलपति ने कहा कि यह संस्था संस्कृत, संस्कृति एवं संस्कार के प्रवाह का स्थल है। यहां लोग मिलकर सहयोग भाव के साथ अपने कार्यों को करें। यह संस्था विद्यार्थियों के लिए है शिक्षक और कर्मी सभी उन्हीं के लिए कार्य कर रहे हैं।