निजी विद्यालयों द्वारा शिक्षा का अधिकार नियमों का उल्लंघन कर निर्धारित शुल्क प्रतिपूर्ति से ज्यादा लेने के मामले में प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को बीएसए ने दोबारा नोटिस जारी किया है। अब विद्यालयों की संख्या 21 से बढ़कर 29 हो गई है। विद्यालयों से सत्र 2019-20 में विभाग द्वारा भुगतान किए गए 19 लाख 22 हजार 366 रुपये की दोगुना राशि 38 लाख 44 हजार 732 वसूले जाएंगे। एक हफ्ते के भीतर रिकवरी धनराशि को चलान के माध्यम से सरकारी कोष में जमा करना होगा। साथ ही साक्ष्य देकर कार्यालय को अवगत कराना होगा। ऐसा नहीं करने वाले विद्यालयों की मान्यता वापस ली जाएगी। साथ ही एफआईआर भी दर्ज होगी।
अनिल मौर्या द्वारा दायर पीआईएल में आरटीई के तहत जिले के निजी विद्यालयों द्वारा फीस से ज्यादा शुल्क प्रतिपूर्ति लेने की शिकायत की गई थी। शिकायती पत्र के आधार पर जब एडी बेसिक ने मामले की जांच की तो आरोप सही पाया गया। जिसके बाद वित्तीय अनियमितता मान एडी बेसिक प्रवीण कुमार उपाध्याय ने विद्यालयों के खिलाफ बीएसए को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बीएसए ने स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन कई विद्यालयों ने नहीं दिया। विद्यालयों को दोबारा नोटिस किया गया है।
छूटे विद्यालयों की हुई जांच
आरटीई के जिला समन्वयक विमल कुमार केशरी ने बताया कि एडी बेसिक द्वारा मामले की जांच के दौरान जिन विद्यालयों का नाम छूट गया था, उनकी जांच की गई। जिसके बाद आठ और स्कूलों के नाम सामने आए है, इन विद्यालयों को भी नोटिस जारी किया गया है।
कोट
आरटीई का उल्लंघन कर 29 निजी विद्यालयों ने फीस से ज्यादा शुल्क प्रतिपूर्ति हासिल की है, जो कि वित्तीय अनियमितता है। विद्यालयों से दोगुनी रकम वसूली जाएगी। धनराशि सरकार के कोष में जमा न करने पर मान्यता रद्द कर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
- राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी