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काशी में बनेगा अनोखा गुरुकुल: गुरु शिष्य-परंपरा की दिखेगी झलक, आधुनिक केंद्र भी; जानें आनंद कानन की खासियत

Sun, 05 Jul 2026 01:52 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: आनंद कानन गुरुकुल को भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां संगीत, नृत्य और अन्य पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण आधुनिक सुविधाओं के साथ दिया जाएगा। संस्थान का उद्देश्य प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए नई पीढ़ी को भारतीय कला और संस्कृति से जोड़ना है।
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आनंद कानन का माॅडल। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: आनंद कानन कला गुरुकुल भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा का आधुनिक केंद्र बनेगा। वीडीए की ओर से काशी की सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम मिलेगा। वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने बताया कि परियोजना की सांस्कृतिक एवं स्थापत्य परिकल्पना कलाकार मनीष खत्री ने तैयार की है। साथ ही सुबह-ए-बनारस आनंद कानन के रत्नेश वर्मा सहित अनेक कला गुरुओं के सहयोग से यह अभिनव सांस्कृतिक संकल्पना साकार रूप ले रही है। 

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उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति, संगीत, नृत्य एवं ललित कलाओं की गौरवशाली परंपरा को पुनर्जीवित करने काशी को वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और ज्यादा सशक्त बनाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से वीडीए की ओर से रविदास पार्क स्थित आनंद कानन में आनंद कानन कला गुरुकुल की अभिनव एवं ऐतिहासिक संकल्पना को विकसित किया जा रहा है। 

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यह गुरुकुल केवल एक प्रशिक्षण संस्थान नहीं होगा, बल्कि भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों एवं कला-साधना पर आधारित एक समग्र सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा। जहां संगीत, नृत्य, वादन, नाट्य एवं चित्रकला जैसी विविध भारतीय कलाओं का प्रशिक्षण प्राचीन भारतीय परंपरा के अनुरूप प्रदान किया जाएगा। 

प्रस्तावित परिसर का विकास वैदिक गुरुकुल ग्राम की अवधारणा पर किया जा रहा है। जहां प्राकृतिक वातावरण, भारतीय स्थापत्य शैली एवं आध्यात्मिक परिवेश का समन्वय होगा। गंगा तट के समीप स्थित यह परिसर विद्यार्थियों एवं कलाकारों को भारतीय संस्कृति के जीवंत अनुभव के साथ कला-साधना का अनूठा अवसर प्रदान करेगा। 

गुरुकुल में शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय संगीत, लोकसंगीत, कथक, शास्त्रीय एवं लोकनृत्य, विभिन्न वाद्ययंत्रों का प्रशिक्षण, नाट्यकला, चित्रकला, छायाचित्र प्रदर्शनी एवं कार्यशालाओं सहित अनेक विधाओं का समग्र प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
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