छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि एक कमरे में तीन-तीन छात्रों को रखा गया है। जल्द ही नए बैच का प्रवेश होना है, लेकिन मौजूदा छात्रों के लिए ही पर्याप्त आवासीय व्यवस्था नहीं है। छात्रों ने सवाल उठाया कि जब राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मानकों के अनुसार पर्याप्त व्यवस्था नहीं है तो नए बैच का प्रवेश कैसे दिया जा रहा है।
छात्रा ऐश्वर्या चौबे ने बताया कि परीक्षा के दौरान भी कई बार बिजली चली जाती है। इंटर्नशिप करने वाले छात्र-छात्राओं को दिनभर की ड्यूटी के बाद भी आराम के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलतीं। वहीं मेस में समय पर भोजन नहीं मिलने की शिकायत भी छात्रों ने की। उनका कहना है कि दोपहर में देर से पहुंचने पर भोजन खत्म होने की बात कह दी जाती है।
छात्रों का आरोप है कि कई बार प्राचार्य से शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस, क्षेत्राधिकारी (सीओ) सिटी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर दुर्गेश ने बताया कि सुबह आठ बजे बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, जिसके बाद छात्र धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और प्राचार्य द्वारा छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।