डीरेका मैदान में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेती एसपीजी और पुलिस।
केंद्र सरकार के छह मंत्री शुक्रवार को शहर में थे। सभी किसी न किसी योजना की शुरुआत या पहले से चल रही योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए यहां आए थे। साथ ही उनकी मुख्य नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 24 अक्तूबर को डीरेके मैदान पर होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों पर रही। इसी दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की ओर से वाराणसी के विकास के लिए घोषित योजनाओं के क्रियान्वयन में नौकरशाहों के दिलचस्पी न लेने की शिकायत की। नौकरशाहों की लापरवाही को शुक्रवार को अमर उजाला ने ‘नौकरशाही की भेंट चढ़ रहीं पीएम की योजनाएं’ की खबर को प्रमुखता से उठाया है। इसे केंद्रीय मंत्रियों ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नौकरशाहों की जमकर क्लास लगाई। दो टूक शब्दों में कहा कि यहां पर किसी प्रकार की ढिलाई बरती तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों की मानें तो केंद्रीय मंत्रियों को जब जानकारी हुई कि पीएम ने जो सौगातें यहां की जनता को दी हैं, उनका क्रियान्वयन नौकरशाह ठीक ढंग से नहीं कर रहे हैं तो उनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इससे नौकरशाहों में खलबली मच गई है। एक केंद्रीय मंत्री ने यहां तक कहा कि पीएम के संसदीय क्षेत्र में धीमी गति से काम बर्दाश्त नहीं होगा। यहां पर इस तरह से काम होगा तो देश के अन्य हिस्सों में कैसे काम करेंगे। पीएम की योजनाओं में तेजी नहीं आई तो कार्यदायी संस्थाओं को बदल दिया जाएगा।
पीएम के आगमन से पूर्व शुक्रवार को पेट्रोलियम राज्यमंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, रेल एवं संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, खाद्य एवं प्रसंस्करण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कृष्णा राज, कौशल विकास राज्यमंत्री राजीव प्रताप रूडी यहां रहे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने काशी के कायाकल्प के लिए अरबों रुपये की योजनाएं दी हैं। बाबतपुर से शिवपुर तक बन रहे फ्लाईओवर के कार्य को छोड़ दे तो बाकी के कार्यों में गति नहीं दिखाई पड़ रही है। वहीं राज्य सरकार के नौकरशाह सुस्त हैं, वहीं केंद्र सरकार के विभागों में तेजी दिखाई देती है। सूत्रों के मुताबिक अभी तक एक तिहाई काम हो जाना चाहिए था पर सिर्फ 15 से 20 फीसदी तक ही काम हुआ है। कुछ समय पहले ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने काशी से जलपरिवहन की महत्वाकांक्षी योजना की शुरूआत की थी लेकिन यह योजना भी अफसरों की कछुआ चाल के चलते परवान चढ़ते नहीं दिख रही है।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गेल, रेलवे और डाकघर के अधिकारियों को देश भर में 100 पेट्रोल पंपों, रेलवे स्टेशनों और डाकघर का चयन करने को कहा, जहां एलसीडी स्क्रीन लगाकर पीएम के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जा सके। खासकर ऐसे शहरों में जहां पूर्वांचल के लोगों की संख्या ज्यादा हो। इनमें प. बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार सहित कई राज्यों के शहर होंगे जहां कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होगा।