जिला पंचायत सभागार में परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति दिशा की बैठक आयोजित की गई। जिसमें विकास कार्यो की बिंदुवार समीक्षा किया गया। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी अपनी कार्यशैली में बदलाव लाए।
पिछली बैठक की कार्यवृत्ति पर कार्रवाई नहीं करने और गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर सहायक अभियंता जल निगम को फटकार लगाई। साथ ही अधिशासी अभियंता के अनुपस्थित रहने पर स्टष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशानुरुप योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ गरीबों और लाभार्थियों तक पहुंचाए।
उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता में सुधार लाते हुए निर्माण में तेजी लाने को कहा। राज्यमंत्री ने कहा कि पीएचसी और सीएचसी पर चिकित्सक उपलब्ध रहें, मरीजों का इलाज करें और दवा की उपलब्धता बनाए रखें। विधायक अपने क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करें और विकास कार्यों में सुधार लाने के लिए पत्राचार करें।
बताया कि मोतिया बिंद से पीडि़त बीपीएल कार्डधारकों का शिविर लगाकर नि:शुल्क आपरेशन होगा। शिविर लगाने वाले चिकित्सालय, स्थान, विकास खंड सहित सभी विवरण होर्डिगिं के माध्यम से प्रचार प्रसार करें। जिससें लाभार्थी योजना का लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में लाभार्थियों से पैसा लेने की शिकायत मिल रही है, जिला प्रबंधक एलपीजी मामले की जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें। बैठक में मडि़हान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल ने पीएमजीएसवाई की सड़कों की गुणवत्ता खराब होने का मुद्दा उठाया।
जिस पर राज्यमंत्री ने डीएम कंचन वर्मा से कहा कि योजना के तहत बनी सड़कों की किसी नामित एजेंसी से जांच कराने के बाद ही लोकार्पण कराया जाए। उन्होंने कहा कि कौशल विकास योजना का लाभ बेरोजगारों को दिलाया जाए। साथ ही सर्व शिक्षा अभियान के तहत छात्राओं को आत्म रक्षा के लिए कौशल प्रशिक्षण दिलाया जाए।
पीडी मनरेगा पीपी त्रिपाठी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 6116 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता ने बताया कि 500 से अधिक आबादी वाले क्षेत्र में वित्तीय वर्ष में चार बसावटों को जोड़ने का लक्ष्य मार्च 2017 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर विधायक सुचिस्मिता मौर्य, राहुल प्रकाश कोल, सीडीओ अमित कुमार सिंह, महेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।