ड्रमंडगंज घाटी के चूनहवा घाट के पास शुक्रवार की सुबह आठ बजे एक 10 चक्का ट्रक का पहिया पंक्चर हो जाने से करीब 36 घंटे तक मिर्जापुर रीवा मार्ग जाम रहा।
ड्रमंडगंज घाटी से मध्य प्रदेश के अमला नाला तक लगभग पंद्रह किलोमीटर लगे जाम के चलते दोनों तरफ छोटी-बड़ी गाड़ियों का रेला लगा रहा। आवागमन पूरी तरह से ठप होने से जाम में फंसे यात्री एक एक बंदू पानी के लिए परेशान रहे।
जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस को जाम खुलवाने में पसीने छूट गए तब जाकर शनिवार की रात आठ बजे किसी तरह जाम से निजात मिल पाया।
मिर्जापुर-रीवां राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-सात पर स्थित ड्रमंडगंज घाटी में पिछले 36 घंटे से भीषण जाम लगने से लोग हलाकान दिखाई दिए। भीषण जाम लगने से जहां यात्रियों को भोजन, नाश्ता एवं पेयजल के लिए तरसना पड़ा, वहीं मध्य प्रदेश की तरफ से आ रहे संतरा, अनार, अंगूर आदि फलों से लदे ट्रक भी जाम में फंसे रहे।
तपती दोपहरिया में प्यास के मारे यात्रियों का बुरा हाल रहा, वहीं जाम लगने से यात्री खाना व नाश्ता के लिए भटकते रहे। जाम लगने के कारण यात्रियों के बीच 40 रुपया लीटर पानी बिका, वहीं अन्य खाद्य सामग्री भी दोगुने भाव में बेचे जा रहे थे।
घाटी की दोनों तरफ छोटी-बड़ी गाड़ियों का रेला लग गया, जिससे लोगों को पैदल भी निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जाम लगने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी संख्या में सवारी बस, ट्रक, जीप, हाईवा, बोलेरो, इंडिका, टाटा मैजिक, क्रेन, ट्रैक्टर आदि वाहनों का रेला लगा रहा।
बता दें कि क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर ड्रमंडगंज घाटी से मध्य प्रदेश के बार्डर तक करीब 15 किलोमीटर मार्ग गड्ढे में तब्दील हो चुकी है जिसके कारण रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है, बावजूद इसके महकमा लापरवाह बना हुआ है।
ड्रमंडगंज घाटी में लगे भीषण जाम हटवाने के लिए ड्रमंडगंज चौकी इंचार्ज धनंजय पांडेय अपने दल-बल के साथ जाम खुलवाने में लगे रहे और शनिवार की शाम आठ बजे किसी तरह से जाम को खुलवाया जा सका, जिससे जाम में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली।