स्वदेशी पर दिया जाएगा जोर
अर्थशास्त्री प्रो. अनूप मिश्रा का कहना है कि बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को चिकित्सा और शिक्षा में अनिवार्य रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। अस्पतालों में पुरानी मशीनों की जगह एआई-आधारित तकनीक लाने के लिए प्रोत्साहन राशि मिल सकती है। साथ ही, ट्रंप टैरिफ और वैश्विक अस्थिरता (रूस-यूक्रेन, बांग्लादेश संकट) से भारतीय बाजार को सुरक्षित रखने के लिए ‘स्वदेशी’ उत्पादों के उत्पादन और खपत पर विशेष नीतियां बनेंगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़ाना है, जिससे बाजार में तरलता आए और रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
स्टेशनों का होगा कायाकल्प
जिले के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने के लिए नई ट्रेनों की शुरुआत के साथ इलेक्ट्रॉनिक बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे टूरिज्म, यातायात, आयात और निर्यात में बढ़ोतरी होगी। गंगा में वाटर ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देते हुए वाटर मेट्रो के संचालन के लिए विशेष फंड जारी हो सकता है। स्वास्थ्य व शिक्षा को मजबूती के लिए नए मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और आधुनिक रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प बजट की प्राथमिकता में है। वाराणसी से अन्य शहरों की कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए नए फ्लाईओवर, ब्रिज के लिए बजट जारी हो सकता है। सड़कों के चौड़ीकरण की रूपरेखा बजट में तैयार हो सकती है।
जीएसटी 2.0 और इनवर्टेड ड्यूटी में सुधार की उम्मीद
वित्तीय वर्ष 2025-26 की अधूरी योजनाओं को पूरा करने के साथ-साथ सरकार जीएसटी 2.0 के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर जोर देगी। उद्योगों की पुरानी मांग रही है कि कच्चे माल पर अधिक टैक्स और तैयार माल पर कम टैक्स (इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर) की विसंगति को दूर किया जाए। टेक्सटाइल, फाइबर और एल्यूमीनियम उत्पादों की लागत कम करने के उद्देश्य से नई औद्योगिक नीति लाई जा सकती है। उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत नियमों को और सरल बनाया जाएगा।
महिलाएं करेंगी चर्चा
संसद में रविवार को पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर लहुराबीर के आर्य महिला महाविद्यालय में भाजपा महिला मोर्चा से जुड़ी 1000 महिलाएं चर्चा करेंगी। शनिवार को भाजपा के गुलाब बाग कार्यालय पर क्षेत्रीय अध्यक्ष महिला मोर्चा नम्रता चौरसिया की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। जिसमें महिलाओं ने बजट को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। महानगर अध्यक्ष महिला मोर्चा कुसुम पटेल ने कहा संगठन के किसी भी कार्यक्रम में महिलाएं कभी भी पीछे नहीं रहीं। बैठक में पूजा दीक्षित, सुरेखा सिंह, मंजू सिंह ,सुनीता मौजूद रहीं।