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Budget 2026: विश्वस्तरीय सुविधाओं से सजेगी बुद्ध की उपदेशस्थली, यहां हर साल आते हैं 20 लाख पर्यटक

Mon, 02 Feb 2026 11:02 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बुद्ध की उपदेशस्थली विश्वस्तरीय सुविधाओं से सजेगी। वाराणसी स्थित सारनाथ में हर साल 20 लाख पर्यटक आते हैं। ऐसे में सारनाथ समेत 15 साइट्स एक्सपेरिएंशियल डेस्टिनेशन बनेंगे। बजट में 15 प्रमुख स्थलों की सूची में काशी का नाम शीर्ष पर है।
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सारनाथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में सारनाथ स्थित पुरातात्विक संग्रहालय में हिंदू-देवी देवताओं की प्रतिमाओं और बुद्ध के अवशेष को संरक्षित किया जाएगा। 9वीं - 12वीं शताब्दी की मूर्तियां वर्तमान में कई जगहों से टूट चुकी हैं। रविवार को आम बजट में इसकी घोषणा हुई है। सारनाथ में हर साल करीब 20 लाख देसी-विदेशी पर्यटक आते हैं।

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पुरातत्व विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में हर महीने यहां औसत एक लाख घरेलू और विदेशी पर्यटक बुद्ध के अवशेष और इन मूर्तियों को देखने आते हैं। सरकार ने देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ों को पुनर्जीवित करने के लिए देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों को वाइब्रेंट कल्चरल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसमें वाराणसी का सारनाथ प्रमुखता से शामिल है।

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इन स्थलों पर अब केवल पुरानी इमारतें नहीं होंगी, बल्कि पर्यटकों के लिए क्यूरेटेड वॉकवे, डिजिटल स्टोरी टेलिंग और आधुनिक व्याख्या केंद्र बनाए जाएंगे। इससे पर्यटकों को भारत के गौरवशाली इतिहास का सजीव अनुभव मिल सकेगा।

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पर्यटन और ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित होगा बनारस

इन मूर्तियों और धरोहरों के पास इससे संबंधित क्यू आर कोड भी लगाए जाएंगे, जिससे यहां आने वाले पर्यटक एक क्लिक पर इसके बारे में जान सकेंगे। टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता के मुताबिक, वाराणसी, पुरी और तिरुपति जैसे शहरों को पर्यटन और ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिल सकें। पर्यटन के क्षेत्र में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने आईआईएम के सहयोग से एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत जिले के 500 से अधिक गाइडों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
क्या बोले अधिकारी
सरकार के ओर से जारी बजट में इसकी घोषणा हुई है। इस पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। -पावस प्रसून, सहायक निदेशक, भारत पर्यटन
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