इन मूर्तियों और धरोहरों के पास इससे संबंधित क्यू आर कोड भी लगाए जाएंगे, जिससे यहां आने वाले पर्यटक एक क्लिक पर इसके बारे में जान सकेंगे। टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता के मुताबिक, वाराणसी, पुरी और तिरुपति जैसे शहरों को पर्यटन और ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिल सकें। पर्यटन के क्षेत्र में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने आईआईएम के सहयोग से एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत जिले के 500 से अधिक गाइडों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
क्या बोले अधिकारी
सरकार के ओर से जारी बजट में इसकी घोषणा हुई है। इस पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। -पावस प्रसून, सहायक निदेशक, भारत पर्यटन