केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 का बजट पेश किया। इसमें जिले को शिप रिपेयर फैसिलिटी सेंटर के साथ ही फ्रेट कॉरिडोर के लिए मिले बजट में इजाफा किया है। इससे वाराणसी में जल परिवहन को बढ़ावा तो मिलेगा ही जलमार्ग से होने वाले व्यापार को भी मजबूती मिलेगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि वाराणसी और पटना में अंतरदेशीय जलमार्गों के लिए एक आधुनिक जहाज मरम्मत प्रणाली स्थापित की जाएगी। भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के निदेशक संजीव शर्मा ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य अंतरदेशीय जलमार्गों के विकास को बढ़ावा देना है। वाराणसी और पटना जैसे प्रमुख शहरों में जहाज मरम्मत की सुविधाएं उपलब्ध कराने से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि इससे जल परिवहन की दक्षता में भी सुधार होगा। अभी जलयानों की मरम्मत की सुविधा समुद्र तटीय क्षेत्रों में ही उपलब्ध है। गंगा किनारे पटना और वाराणसी ही देश के ऐसे दो शहर हैं जहां बड़े जहाजों की मरम्मत हो सकेगी।
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इसके अलावा वाराणसी में बनने वाले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बजट को थोड़ा और बढ़ाया गया है। इसके निर्माण के बाद बंदरगाह को रेल लाइन और एनएच-7 व एनएच-2 से जोड़ा जाएगा। रेलवे के माध्यम से सामान टर्मिनल तक पहुंचाने के लिए जिवनाथपुर जंक्शन से टर्मिनल तक 6 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। 650 मीटर की दूरी पर स्थित एनएच-7 और एनएच-2 को भी सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा। इससे नई दिल्ली-हावड़ा रेल फ्रेट कॉरिडोर और फ्रेट विलेज का सीधा जुड़ाव हो सकेगा। फ्रेट विलेज के साथ ही लॉजिस्टिक्स पार्क भी बनाया जाना है। इस पर 34 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।