मरने वालों में जहानागंज थाने के बेलहथा गांव निवासी रीना देवी (32) पत्नी मनोज राजभर उसकी चार माह की बेटी सोनी के अलावा जहानागंज थाने के परमेश्वरपुर गांव निवासी रामसूरत चौहान (65), इसी थाने के बभनौली गांव निवासी दारा (13) पुत्र जोगेंद्र, इसी थाने के बुंदा गांव निवासी देवेंद्र यादव की छह साल की बेटी बुलबुल का नाम शामिल है।
जबकि घायल होने वालों में जहानागंज थाने के कुसरना गांव निवासी हरेंद्र (43), सुभाष (45), बुंदा गांव निवासी रोहित (37), रामदेव (55), फैजाबाद जिले का रहने वाला मो. सफीक (55) का नाम शामिल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जहानागंज थाने के करमपुर गांव निवासी राजेश अपना ट्रैक्टर लेकर जा रहा था।
जेल के सामने ब्रेकर पर पास लेने के विवाद में ट्रक चालक जहानागंज थाने के अकबेलपुर निवासी मनोज (26) पुत्र जगतू ने ट्रक रोका और राजेश को पीट दिया। ट्रैक्टर चालक राजेश को पीटने के बाद लोग उसे दौड़ा लिए। भीड़ देख ट्रक चालक मनोज तेजी से ट्रक लेकर भागा और कुछ ही दूरी पर कुसरना गांव निवासी बाइक सवार हरेंद्र और सुभाष को टक्कर मार दिया।
दुर्घटना के बाद पुलिसवाले ने भी ट्रक का पीछा करना शुरू कर दिया। मनोज अपना ट्रक लेकर भागने लगा। करीब दो किलोमीटर आगे टिल्लूगंज बाजार में सड़क घुमावदार होने से ट्रक अनियंत्रित होकर पहले पाकड़ के पेड़ की दो मोटी डाल, विद्युत पोल और तार तोड़ते हुए रामसूरत की दुकान को क्षतिग्रस्त करते हुए मनीष सिंह के दरवाजे पर लगी नीम का पेड़ तोड़कर सूखे शीशम के पेड़ से टकराकर रुक गया।
घटना के बाद लोग चालक मनोज को पकड़कर मकर धुनाई की। उसकी भी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के करीब दो घंटे बाद मौके पर मंडलायुक्त कनकलता त्रिपाठी, डीआईजी मनोज तिवारी, डीएम एनपी सिंह, एसपी त्रिवेणी सिंह भारी भरकम फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। कमिश्नर के आश्वासन के बाद रात आठ बजे शव उठाने के लिए लोग राजी हुए।