फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उज्ज्वला की आंच पड़ी ठंडी, चूल्हे से उठ रहा धुआं

विज्ञापन
विज्ञापन
उज्ज्वला की आंच पड़ी ठंडी, चूल्हे से उठ रहा धुआं
विज्ञापन

- 35 फीसदी लाभार्थी फिर उपली व लकड़ी पर भोजन
- 305154 परिवारों को मिला है निशुल्क गैस कनेक्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। कोरोना के कारण कमाई ठप हो जाने से गरीब परिवार की कमर टूट गई है। ऐसे में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के घर गैस की आंच ठंडी पड़ने लगी है। उनके घरों से फिर चूल्हे से धुआं उठने लगा है। इस योजना के करीब 35 फीसदी लाभार्थी उपली व लकड़ी के सहारे भोजन बना रहे हैं।
गरीबों को धुआं से निजात दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत निशुल्क गैस सिलिंडर दिया गया। इसके लिए सरकार ने धूमधाम से शुभारंभ करते हुए जगह-जगह कैंप का आयोजन कराकर लाभार्थियों को मुफ्त गैस सिलिंडर बटवाया। जिससे उनके घर आराम से भोजन बन सके। इसके योजना के तहत चूल्हा, गैस सिलिंडर व रेग्यूलेटर गरीबों को दिया गया। इस दौरान कुल तीन लाख पांच हजार 154 गरीबों को मुफ्त गैस सिलिंडर दिया गया, जिससे इन गरीबों के चेहरे खिल उठे, लेकिन कोरोना के कारण फिर उनके चेहरे मायूस हो गए। कारण कोरोना से हुए लाक डाउन में उनकी कमाई ठप हो गई। आर्थिक संकट आ जाने से अब वे गैस नहीं खरीद पा रहे है। हालांकि कोरोना में अप्रैल, मई व जून में सरकार ने उन्हें गैस सिलिंडर भरवाने के लिए धनराशि दी थी, लेकिन इसके बाद फिर उनका यही हाल है। इस समय हालत यह है कि एक लाख छह हजार 804 लाभार्थी गैस नहीं भरवा पा रहे हैं। इनके घर फिर से चूल्हे में से धुआं उठाना शुरू हो गया है। उपली व लकड़ी के सहारे वे भोजन बनाने को विवश है।
विज्ञापन

---
उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलिंडर,चूल्हा व रेग्यूलेटर जब मिला था तो परिवार में काफी खुशी थी। इस पर खाना आराम से बन जाता था, लेकिन जहां गैस सिलिंडर महंगा हो गया है। वहीं कोरोना के कारण कमाई रूक जाने से अब गैस सिलिंडर नहीं भरवा पा रहे हैं। जिससे अब फिर से उपली व लकड़ी के सहारे चूल्हे पर भोजन बनाना शुरू कर दी हूं। -कुंता देवी
---
कोरोना के कारण कमाई बंद होने से पेट भरना मुश्किल हो गया है। ऐसे में गैस सिलेंडर कैसे भरवाऊं। परिवारके लोग पैसा कमा कर लाते हैं। उससे किसी तरह पेट भरने का काम चल पा रहा है। जिससे गैस सिलिंडर नहीं भरवा पा रही हूं। इस लिए चूल्हे पर भोजन बना रही हूं, जब कमाई अच्छी होने लगेगी तब फिर गैस सिलिंडर भरवाउंगी। -सावित्री सोनकर
विज्ञापन

---
वर्जन...
जिले में पीएम उज्ज्वला योजना के तहत 305154 लाभार्थी हैं। उनमें से 35 फीसदी लाभार्थी गैस सिलिंडर नहीं भरवा रहे हैं।कोरोना से कमाई ठप हो जाने से उनके सामने आर्थिक दिक्कत आ गई है। जिससे वे सिलिंडर नहीं भरवा पा रहे हैं। -नीरज कुमार, नोडल अधिकारी, पीएम उज्ज्वला योजना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें