चार महीने में हुए पांच से ज्यादा धरने
बीएचयू में चार महीने से पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर 10 से ज्यादा धरने हो चुके हैं। वहीं परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की ओर से जब स्क्रीनिंग कर इंटरव्यू की तिथि घोषित कर दी गई तो विरोध का सुर तेजी से उठने लगे। वहीं जब विभागों ने पीएचडी में चयनित अभ्यर्थियों को फीस जमा करने की लिंक भेजना शुरू किया तब एक के बाद एक धरने शुरू हो गए। सबसे पहले सब लैटर्न स्टडी में पल्लव सिंह, मालवीय पीस रिसर्च में शिवम सिंह, हिंदी विभाग की अर्चिता सिंह और भास्करादित्य त्रिपाठी, वहीं प्राचीन इतिहास के कुणाल गुप्ता और करन जायसवाल ने प्रवेश के लिए धरना प्रदर्शन किया था।