उदय प्रताप कॉलेज में न्यू हॉस्टल के भवन की रिपोर्ट बनाने पहुंची टीम को धरनारत छात्रों ने बाहर कर दिया। आरोप लगाया कि फर्जी रिपोर्ट बनाकर इसे जर्जर बताकर हॉस्टल बंद करने की तैयारी चल रही है।
उदय प्रताप कॉलेज में छात्रों के धरने के बीच न्यू हॉस्टल के भवन की रिपोर्ट बनाने पहुंचे इंजीनियर और पीडब्ल्यूडी अधिकारी को छात्रों ने बाहर कर दिया। मंगलवार दोपहर में टीम हॉस्टल में प्रवेश कर चुकी थी कि तभी 200 मीटर दूर धरनारत छात्रों को इसकी भनक लगी। वे भी दौड़कर हॉस्टल पहुंच गए। टीम को रोका और कॉलेज प्रशासन का अनुमति पत्र मांगा। कुछ नहीं मिलने पर बहसबाजी हो गई। बाद में उन्हें गेट से बाहर कर दिया गया।
विज्ञापन
छात्रों ने आरोप लगाया कि फर्जी रिपोर्ट बनाकर इसे जर्जर बताकर हॉस्टल बंद करने की तैयारी चल रही है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जर्जर हॉस्टल में किसी दिन कोई दुर्घटना हो गई तो फिर कौन जिम्मेदारी लेगा। विश्वविद्यालय बनने के दौरान नए हॉस्टल बनेंगे और जीर्णोद्धार भी होगा। ऐसे में किसी हॉस्टल की बिल्डिंग कितनी मजबूत है और उनके क्या क्या काम होना है इसके लिए एक्सपर्ट बुलाए गए थे। लेकिन छात्रों ने भवन की जांच पूरी होने नहीं दी।
बीते 15 से 20 की संख्या में धरना दे रहे छात्रों की मांग है कि नए प्रवेश पा चुके छात्रों को हॉस्टल आवंटित किया जाए, लेकिन इस बार किसी को हॉस्टल नहीं मिल रहा है। जबकि कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डीके सिंह का कहना है कि इस बार प्रॉसपेक्टस में ही स्पष्ट कर दिया गया था कि छात्रों को हॉस्टल की सुविधा नहीं मिलेगी।