हैदराबाद से पैदल चलकर गोरखपुर जाते युवक।
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लॉक डाउन के कारण काम बंद हुआ तो घर लौटना लोगों की मजबूरी हो गई। इसी तरह हैदराबद में रह रहे दो युवकों को जब कोई साधन नहीं मिला तो वह पैदल ही गोरखपुर के लिए निकल पड़े। हैदराबाद से चलकर शुक्रवार को 11वें दिन वह जौनपुर पहुंचे।पैरों में छाले पड़ने के बाद भूखे प्यासे थककर चूर यह युवक सड़क किनारे बैठकर आगे के सफर के लिए वाहनों से लिफ्ट मांग रहे थे, मगर किसी ने उनपर ध्यान नहीं दिया।
स्थानीय लोगों की नजर जब उन युवकों पर पड़ी तो उन्हें पहले भोजन कराया गया। उसके बाद उन्हें गोरखपुर की तरफ जा रही एक ट्रक पर सवार कर आगे के लिए रवाना कर दिया गया। युवकों ने बताया कि वह गोरखपुर के पास महाराजगंज के सियारामपुर के रहने वाले हैं। उनका नाम कृष्ण कुमार और अखिलेश है। दोनों हैदराबाद के ओमनगर में पेंटिंग का कार्य करते हैं। लॉकडाउन के कारण कामकाज ठप होने से फंसे रह गए।
पहले तो उन्हें लगा कि 14 अप्रैल को लॉक डाउन खुल जाएगा, लेकिन जब यह आगे बढ़ा तो उन्हें घर लौटने के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं दिखा। फिर वह पैदल ही मंजिल की ओर निकल पड़े। रास्ते में आते समय एक दो स्थानों पर जांच भी हुई। किसी तरह घर पहुंचने का जज्बा उन्हें पैदल ही आगे बढ़ने का साहस देता रहा। पैरों में छाले पड़ने के बाद भी युवक नहीं रुके। एक ट्रक पर बैठाकर रवाना कर दिया।