छात्राओं ने ली सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग
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घर से 15 किलोमीटर साइकिल चलाकर स्कूल आती हूं। रास्ते में कोई खतरा तो नहीं मिला लेकिन जब ऐसी परिस्थिति सामने आ जाए ताे फिर क्या करना है इस ट्रेनिंग से ये पता चला। -किरन पटेल, गहूरा भोपापुर
आने वाले समय में कोई भी परेशानी सामने आई तो उससे लड़ने की हिम्मत मिली। कॉलेज में दी गई ट्रेनिंग से महसूस हो रहा है कि पांच किलोमीटर दूर से अकेले आने-आने में कोई खतरा नहीं है। मैं हर परिस्थिति का सामना करने को तैयार हूं। -नैंसी, लच्छापुर कोचवां
आत्मरक्षा की जो ट्रिक सिखाई गई वो काफी नायाब है। हर परिस्थिति में अपने आप को सिद्ध कर सकते हैं। पढ़ाई के साथ घर के काम में तो ट्रेंड हैं मगर बाहरी लोगों से कैसे निपटना है, इसकी तकनीक आज सिखाई गई। -खूशबू पाल, लोढ़ान शिवपुर
पंच, किक और ब्लॉक सहित सेल्फ डिफेंस के सारे स्टेप्स बाकायदा सिखाए गए। तेज धूप में भी हम लोगों ने रिहर्सल और प्रैक्टिस की। अब अच्छा लग रहा है। अंदर से हौसला मजबूत हुआ है। -ख्याति सिंह, खुशहाल नगर
घर से साइकिल से स्कूल आते वक्त खतरा महसूस होता है। एक दिन की ही ट्रेनिंग से ऐसा लग रहा है जैसे कई बदमाशों को पटखनी दे सकती हूं। ऐसे आयोजन स्कूल में हर समय हों तो काफी बेहतर होगा। -अंजलि कुमारी, अहिरन चमाव
क्या बोले अधिकारी
नारी शक्ति के पर्व को सुरक्षा और सम्मान के साथ मनाने की अमर उजाला की ये पहल सराहनीय है। सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग हर छात्रा के लिए बेहद जरूरी है। -डॉ. एके सिंह, प्रबंधक, विकास इंटर कॉलेज