सेना भर्ती में बड़े पैमाने पर होने वाले फर्जीवाड़े को सेना भर्ती कार्यालय ने समय रहते पकड़ लिया। अपने विशेष साफ्टवेयर के जरिए सेना ने करीब दो हजार ऐसे युवकों को चिह्नित किया है, जिन्होंने एक से ज्यादा स्थानों से भर्ती में शामिल होने के लिए पंजीयन कराया है।
नियमत: अभ्यर्थी को अपने जिले से ही पंजीयन कराना चाहिए। वह एक से ज्यादा जिलों से पंजीयन कराता है तो गलत है। वाराणसी में छावनी के रणबांकुरे स्टेडियम में पांच अप्रैल से छह जिलों की सेना भर्ती शुरू हो रही है।
भर्ती में शामिल होने के लिए 53 हजार अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें दो हजार ऐसे हैं, जो जिन्होंने दो या इससे ज्यादा स्थानों से रजिस्ट्रेशन कराया है।
जौनपुर निवासी एक युवक पूर्व में छह बार सेना भर्ती में भाग ले चुका है। चंदौली, वाराणसी, जौनपुर और गाजीपुर का निवासी बताकर वह भर्तियों में भाग ले चुका है। इस बार उसने जौनपुर जिले से पंजीयन कराया है।
आजमगढ़ का युवक कानपुर और बाराबंकी की भर्ती में भाग ले चुका है। गाजीपुर का एक युवक आठ बार अलग-अलग स्थानों से भर्ती में भाग ले चुका है। सोनभद्र का एक युवक महाराष्ट्र और बिहार की सेना भर्ती में भाग ले चुका है। सेना भर्ती कार्यालय के निदेशक कर्नल मनीष धवन ने बताया कि जो अभ्यर्थी जहां के निवासी हैं, वहीं की भर्ती में भाग लेगा।
फर्जी निवास प्रमाण बताकर दूसरे जिले की भर्ती में भाग लेने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बार पांच से 11 अप्रैल तक होने वाली भर्ती में वाराणसी, भदोही, जौनपुर, चंदौली, सोनभद्र और मिर्जापुर के युवक भाग लेंगे।
पांच अप्रैल को पहले दिन मिर्जापुर जिले की भर्ती होगी।