इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। कुछ ही दूरी पर अपने मवेशियों को चरा रहे युवक नागेंद्र पाल की निगाह डूबते किशोरों पर पड़ी तो वह शोर मचाने लगा। उसकी आवाज सुनकर कुछ ही दूरी पर मिट्टी फेंक रहे मनरेगा मजदूर मौके की तरफ दौड़ पड़े।
जानकारी होते ही किशोरों के परिवार सहित ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। मजदूरों ने पोखरा में छलांग लगा दी। काफी प्रयास के बाद दोनों किशोरों को पानी से बाहर निकाला। आनन-फानन में परिजन अजय पाल को आजमगढ़ के परमानपुर स्थित एक निजी चिकित्सक और बृजेश यादव को बहरियाबाद में निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
इस घटना से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों के कहने पर पुलिस ने शवों का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद शवों का अंतिम संस्कार किया गया।