इसमें प्रकाश में आया कि प्रदेश में कुल 192 शिक्षक ऐसे हैं, जो एक ही पैन कार्ड पर अलग-अलग जिलों में अलग-अलग खातों में वेतन आहरित कर रहे हैं। 24 शिक्षक ऐसे भी हैं जो एक ही बैंक खाता संख्या का प्रयोग अलग-अलग नाम से कर रहे हैं। वित्त नियंत्रक की इस रिपोर्ट को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने रेणुका कुमार ने संदिग्ध करार देते हुए जांच का निर्देश दिया और तीन दिनों में आख्या तलब की है।
इन 192 शिक्षकों में 28 शिक्षक आजमगढ़ के चिह्नित हैं। शासन स्तर से सूची के साथ पत्र बेसिक शिक्षाधिकारी व वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक को भेज कर जांच के निर्देश दिए हैं लेकिन जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के बाबुओं और अधिकारी को इसकी जानकारी ही नहीं है। प्रभारी बेसिक शिक्षाधिकारी अमरनाथ राय ने कहा कि सोमवार को मेल चेक करा कर पत्र व सूची देखेंगे। उसके बाद दिशा निर्देश के अनुरूप कार्रवाई कराई जाएगी। जबकि महानिदेशक के पत्र के अनुरूप सोमवार को ही जांच व सत्यापन आख्या प्रेषित की जानी है।
जिले में इन शिक्षकों के नाम है सूची में शामिल
प्रदेश स्तर से जारी सूची में जिले के जिन शिक्षकों के नाम शामिल है, उनमें बीना गौतम, सुभाष यादव, रामजीत यादव, संगीता यादव, रामाश्रय यादव, बांकेबिहारी लाल, संजय सिंह यादव, शैला देवी, आवेश कुमार, अरून कुमार, राजेश कुमार गुप्ता, स्नेहलता, जय शिव प्रताप चंद, जैसवार रेनुकाबेन, मानिक चंद पटेल, जगदीश प्रसाद, राजेश कुमार, महेश कुमार, रमा सिंह, विजय कुमार, धनंजय सिंह, सीमा सिंह, अशोक कुमार सिंह, उत्सव सिंह, रेखा सिंह, अनिल कुमार, श्रेया शुक्ला, नेहा शुक्ला शामिल है। इन सभी के पैन कार्ड दूसरे जिलों में व दूसरे खाते में प्रयोग हो रहा है।
बलिया में 11, मऊ में पांच चिह्नित
मंडल के बलिया जिले में भी ऐसे 11 व मऊ में पांच शिक्षक चिह्नित किए गए हैं। बलिया जिले में चिह्नित शिक्षकों में हामिद हसन, रमाकांत यादव, महात्मा यादव, हरिहर प्रसाद यादव, संगीता यादव, अजय कुमार पांडेय, गौतम गुप्ता, शिववचन सिंह, एमडी गुलाब शेख, श्यामदुलारी व कपिल मिश्रा शामिल है। वहीं मऊ में चिन्हित शिक्षकों में शैला दूबे, अरून कुमार, राजेश कुमार गुप्ता, गुलाब शेख, धनंजय सिंह शामिल है।