डीएम के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई को लोग आईबी से जोड़ कर देखने लगे। इस प्रकरण को लेकर शहर में हड़कंप मच गया। फिलहाल आयुष्मान मित्र की आईडी से कुछ लोगों का नाम आयुष्मान योजना में शामिल किये जाने का प्रकरण सामने आया है।
इससे कितने फर्जी लोगों का इलाज हुआ है अथवा फर्जी इलाज के नाम पर भुगतान हुआ है, इसकी अभी विस्तार से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस आयुष्मान मित्र व उसके सहयोगी की मोबाइल आदि जब्त कर जांच में जुटी हुई। दोनों से पूछताछ की कवायद भी चल रही है।