जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को देश के जवानों पर अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ है। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए हैं। वहीं कई जवान गंभीर रूप से घायल हैं। यह हमला जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाकर किया गया है। इस काफिले में 2500 जवान शामिल थे। जिसमें अपने पूर्वांचल क्षेत्र के बनारस और चंदौली के दो बहादुर शहीद हो गए।
वाराणसी जिले के चौबेपुर क्षेत्र के तोफापुर निवासी सीआरपीएफ जवान रमेश यादव ने देश के लिए शहादत दे दी। 26 साल के रमेश यादव 12 फरवरी को ही घर से ड्यूटी के लिए गए थे। गुरुवार शाम जब उनके घर शहीद होने की सूचना मोबाइल पर आई तो पिता श्याम नारायण गश खाकर जमीन पर गिर पड़े जबकि पत्नी रेनू अचेत हो गई।
उमरहा बाजार से लगभग तीन किमी दूर तोफापुर के रमेश तीन साल पहले सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। पांच साल पहले रमेश का विवाह रेनू से हुआ था और डेढ़ साल का उनका बेटा है। वहीं, शुक्रवार सुबह सूबे के मंत्री अनिल राजभर भी शहीद रमेश के घर पहुंचे और शहीद के पिता को ढांढस बधाया।
श्याम नारायण ने प्रशासन और सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया तो मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदितयनाथ से मोबाइल पर बात की और शहीद के परिवार को सभी सरकारी सुविधाएं दिलाने का आश्वासन भी दिया। साथ ही शहीद के बड़े भाई को नौकरी देने का भी भरोसा दिलाया।