इसी तरह स्कूल कायाकल्प के निर्माण भी लापरवाही बरती गई। जिससे समय से कार्य नहीं हो सका। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि इसी तरह ग्राम पंचायत अधिकारी गिरीश चंद्र दूबे को भी शौचालयों का निर्माण समय से पूर्ण न कराने, शासकीय कार्य में रुचि न लेने और स्कूल कायाकल्प का कार्य न कराने के आरोप में बर्खास्त किया गया है।
गिरीश को चार ग्राम पंचायतों में महज 817 शौचालयों का ही निर्माण कराना था। इस संबंध में उन्हें कई बार निर्देशित भी किया गया लेकिन उन्होंने इसमें रुचि नहीं ली। 16 मार्च तक उन्होंने महज 270 शौचालय ही बनवाया।
माइक्रो प्लान के तहत उन्हें शौचलयों के निर्माण के लिए प्रतिदिन 270 राजमिस्त्री लगाना था लेकिन उन्होंने सिर्फ 70 या 71 राजमिस्त्री ही लगाया। जिससे कार्य पूर्ण नहीं हो सका। इस पर उन्हें भी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
डीपीआरओ ने बताया कि दोनों ग्राम पंचायत अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है और अन्य सचिवों को चेताया गया है कि यदि शासकीय कार्य में रुचि नहीं ली गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।