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यूपी: लापरवाही पर कड़ा एक्शन, शौचालय न बनवाने पर दो ग्राम पंचायत अधिकारी बर्खास्त

Tue, 21 Jul 2020 06:21 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
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शौचालय (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला
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सोनभद्र जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने दो ग्राम पंचायत अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। दोनों पर लक्ष्य के मुताबिक शौचालयों का निर्माण न कराने का आरोप है। डीएम की समीक्षा बैठक में निर्देश के बावजूद शासकीय कार्य में रुचि न लेने पर दोनों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। इससे पंचायत राज विभाग में हड़कंप है।

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डीपीआरओ ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी रमाकांत पांडेय को दस ग्राम पंचायतों में सिर्फ 582 शौचालयों का ही निर्माण कराना था। कई बार जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में उनसे संबंधित ग्राम पंचायतों में शौचालयों के निर्माण की प्रगति काफी धीमी मिली।


ग्राम पंचायत अधिकारी ने 16 मार्च तक शौचालयों को पूर्ण कराने का भरोसा दिया था लेकिन इस तिथि तक सिर्फ 338 शौचालय ही पूर्ण कराए गए। माइक्रो प्लान के अनुसार ग्राम पंचायत अधिकारियों को शौचालयों के निर्माण के लिए प्रतिदिन दो सौ राजमिस्त्री लगाना था, लेकिन 50-60 से अधिक मिस्त्री नहीं लगे। उन्होंने शौचालयों के निर्माण में रुचि नहीं ली।

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इसी तरह स्कूल कायाकल्प के निर्माण भी लापरवाही बरती गई। जिससे समय से कार्य नहीं हो सका। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि इसी तरह ग्राम पंचायत अधिकारी गिरीश चंद्र दूबे को भी शौचालयों का निर्माण समय से पूर्ण न कराने, शासकीय कार्य में रुचि न लेने और स्कूल कायाकल्प का कार्य न कराने के आरोप में बर्खास्त किया गया है।

गिरीश को चार ग्राम पंचायतों में महज 817 शौचालयों का ही निर्माण कराना था। इस संबंध में उन्हें कई बार निर्देशित भी किया गया लेकिन उन्होंने इसमें रुचि नहीं ली। 16 मार्च तक उन्होंने महज 270 शौचालय ही बनवाया।
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माइक्रो प्लान के तहत उन्हें शौचलयों के निर्माण के लिए प्रतिदिन 270 राजमिस्त्री लगाना था लेकिन उन्होंने सिर्फ 70 या 71 राजमिस्त्री ही लगाया। जिससे कार्य पूर्ण नहीं हो सका। इस पर उन्हें भी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

डीपीआरओ ने बताया कि दोनों ग्राम पंचायत अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है और अन्य सचिवों को चेताया गया है कि यदि शासकीय कार्य में रुचि नहीं ली गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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