इसी बीच मोटरसाइकिल से आ रहे दो लोगों ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें जमील के बाएं पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने जमील और उसके भाई सलमान को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमील (42) और सलमान (30) निवासी लहबरिया सरसेना खालसा, थाना गंभीरपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से 10 किलोग्राम प्रतिबंधित मांस, एक प्रतिबंधित पशु के अवशेष, लोहे का चापड़, मोटरसाइकिल, .315 बोर का तमंचा, दो खोखा कारतूस और एक मिस कारतूस बरामद किया।
छुट्टा पशुओं का वध कर बेचते थे मांस
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ आसपास घूमने वाले छुट्टा प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर सुनसान स्थानों पर ले जाते थे। वहां वध करने के बाद मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में बेचने के लिए उपलब्ध कराते थे। बिक्री से मिले रुपये आपस में बांट लेते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अवैध असलहा खरीदने की बात भी बताई, जिसका इस्तेमाल विरोध करने वालों को डराने और मौके से भागने के लिए किया जाता था। पुलिस अन्य साथियों की संलिप्तता की जांच कर रही है।
सलमान पर पहले भी दर्ज है प्राथमिकी
पुलिस के अनुसार, सलमान के खिलाफ वर्ष 2017 में गोवध निवारण अधिनियम और वर्ष 2018 में गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज हैं। दोनों भाइयों के खिलाफ गंभीरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज किया गया है। इसमें बीएनएस की संबंधित धाराओं, गोवध निवारण अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।