फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा पार्षदों को धमकाने वाले दो बदमाश गिरफ्तार, यूपी के इस जेल में बंद है इनका मास्टरमाइंड

Sun, 10 Jun 2018 11:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भाजपा के पांच पार्षदों को कॉल कर धमकाने के मामले में क्राइम ब्रांच ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से शनिवार को वाराणसी के छावनी क्षेत्र से दोनों को दबोचा गया।  दोनों की शिनाख्त चोलापुर के चंदापुर के अमित कुमार और आयर बाजार के राहुल जायसवाल के तौर पर हुई। 
विज्ञापन


दोनों के पास से दो तमंचा, दो कारतूस, धमकी देने में प्रयुक्त दो मोबाइल-सिम और बाइक बरामद कर जेल भेज दिया गया। दोनों के खिलाफ रंगदारी मांगने और आर्म्स एक्ट के तहत सात मुकदमे दर्ज हैं।

30 मई से दो जून के बीच भाजपा के पांच पार्षदों को कॉल कर आजमगढ़ जेल में निरुद्ध एजाज अंसारी के नाम से धमकाया गया था। दो पार्षदों के पास दो बदमाश जाकर मोबाइल से बात कराए थे जबकि तीन पार्षदों के पास कॉल आई थी।
विज्ञापन


एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि मामले की जांच क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह को सौंपी गई। तफ्तीश में सामने आया कि धमकी गाजीपुर जेल में निरुद्ध चोलापुर के चंदापुर का रवींद्र पटेल उर्फ राजू ने दी है और इस काम में उसके गुर्गे मदद कर रहे हैं।

पूछताछ में अमित ने बताया कि रवींद्र उसके गांव का है। उसने कहा था कि रंगदारी मांगने की शिकायत बहुत कम होती है और बहुत जल्द ज्यादा रुपया कमा सकते हो। उसकी बातों में आकर हम लोगों ने नगर निगम जाकर पार्षदों और बड़ी दुकानों में काम करने वाले दोस्तों से उनके मालिकों का नंबर लिया।

इसके बाद आयर निवासी विनोद यादव के साथ दो पार्षदों के पास जाकर मोबाइल से रवींद्र की बात कराई। पांचों पार्षदों से जो रंगदारी मिलती उसमें से दो-दो लाख अमित, राहुल और विनोद को मिलता।

विनोद को दो दिन पहले ही कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अमित ने कहा कि शुक्रवार की सुबह रवींद्र ने छावनी क्षेत्र जाकर कॉल का इंतजार करने को कहा था तब तक पकड़े गए।
विज्ञापन

रवींद्र खड़ी कर रहा गैंग, ठेकेदार निशाने पर

demo pic
पुलिस पूछताछ में दोनों बदमाशों ने बताया कि जेल में रहकर रवींद्र मोबाइल से बात कर अलग-अलग जेलों में निरुद्ध बदमाशों की मदद से अपनी गैंग तैयार कर रहा है।

मुठभेड़ में मारे गए बदमाश सनी सिंह का करीबी गाजीपुर जेल में बंद मनीष सिंह सोनू, रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू सहित अन्य बदमाश रवींद्र का सहयोग कर रहे हैं। रवींद्र के निशाने पर अब पूर्वांचल के पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर और ठेकेदार हैं। कई ठेकेदारों से वो रंगदारी वसूला भी है।

उधर, बदमाशों को गिरफ्तार करने वाले क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, एसआई राकेश सिंह, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, सुमंत सिंह, रामभवन यादव, विवेकमणि त्रिपाठी, चंद्रसेन सिंह, सुरेंद्र मौर्या, पुनदेव सिंह व सुनील राय की टीम को एसएसपी ने 10 हजार रुपये का नगद इनाम दिया। रवींद्र, अमित, राहुल और विनोद के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) और गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें