पटना से संचालित साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना और अन्य आरोपियों की पहचान हुई। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बाजार में स्थापित हो ब्रांडेड कंपनियों जेप्टो, ब्लीकिंट, वॉल्मो, अमूल डेयरी, धानी फायनेंस, जूडियो की फर्जी वेबसाइट बनाई जाती है।
उसका विज्ञापन विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिया जाता है। कोई भी व्यक्ति कंपनियों से संबंधित कोई भी कीवर्ड सर्च करता है तो यही वेबसाइट पहले दिखती है। इससे आम आदमी झांसे में आकर डेटा भर देता है। यह डेटा गिरोह के पास वेबसाइट के वेब मेल फीचर से पहुंच जाता है। फिर उन्हें काल कर कंपनी का फर्जी लेटर, रजिस्ट्रेशन फॉर्म, फर्जी इनवायस भेजकर झांसे में फंसा लिया जाता है।
फिर रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी मनी के नाम पर ठगी की जाती है। एडीसीपी नीतू ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शांतनु कुमार ही गिरोह का मास्टरमाइंड है। गिरोह में विकास कुमार और अन्य हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
जेल जा चुका है विकास
साइबर क्राइम विदुष सक्सेना ने बताया कि विकास कुमार पूर्व में महाराष्ट्र में साइबर ठगी में जेल जा चुका है। रोहनिया थाने में पीड़ित आयुष कुमार ने 13 अगस्त को साइबर धोखाधड़ी की रोहनिया थाने में तहरीर दी थी।
यूपीआई रजिस्ट्रेशन, ओटीपी भेजकर 66 हजार की ठगी
यूपीआई रजिस्ट्रेशन और ओटीपी के बाद साइबर ठगों ने करोमा गांव के प्यारेलाल के बैंक खाते से 66 हजार की ठगी कर ली। पीड़ित ने रविवार रात थाने में केस दर्ज कराया। प्यारेलाल ने पुलिस को बताया कि मोबाइल पर भीम यूपीआई रजिस्ट्रेशन को लेकर मैसेज आया और थोड़ी देर बाद एक ओटीपी आया। दोनों का उपयोग नहीं हुआ। इसके बाद भी खाते से 66 हजार की ठगी हो गई। थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।