विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) त्रिभुवन नाथ की अदालत ने 8 वर्षीय बालिका से अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी राहुल गुप्ता को दोषी पाया। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने आरोपी को दस वर्ष की कठोर कारावास और 43 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि में से 35 हजार पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया।
विशेष लोक अभियोजक आदित्य नारायण सिंह व वादी की ओर से अधिवक्ता पंकज श्रीवास्तव व गोपाल कृष्ण के अनुसार वादिनी ने चौबेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था की 25 मई 2016 को उसकी 8 वर्षीय बेटी घर के समीप खेल रही थी। उसी दौरान अभियुक्त राहुल गुप्ता लड़की को बहला-फुसलाकर भट्ठे के बगल में लेकर अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। अदालत ने इस मामले में विचारण के बाद अभियुक्त को दोषी पाया और सजा सुना दी।
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने गुरुवार को कूटरचित दस्तावेज के जरिये 16.44 हजार रुपये हड़पनेे के आरोपी व रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक रविंद्र मौर्य की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अतिरिक्त डीजीसी मुनीब सिंह चौहान व वादिनी नीलम उपाध्याय के अधिवक्ता प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने कहा कि आरोपी ने पैसा लेकर धोखाधड़ी की है। आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल है। उसके खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज है। ऐसे में जमानत अर्जी खारिज की जानी चाहिए।
दोनों पक्षोें की दलील सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। दरअसल, भिटारी गांव में डेढ़ बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया। पैसा ले लिया गया, लेकिन जमीन का मालिकाना हक नहीं दिया गया। कुछ तथ्यों को छिपाते हुए एक बिस्वा जमीन का बैनामा किया गया। लेकिन, उस पर कब्जा नहीं मिला।