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600 करोड़ का कारोबार प्रभावित

Sat, 03 Sep 2016 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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हड़ताल के दौरान चांदपुर से सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स के कर्मचारियों ने निकाला जुलूस।
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प्रमुख श्रमिक संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को हुए एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल की विभिन्न सेवाओं पर मिलाजुला असर दिखा। बैंकिंग, डाक और परिवहन सहित कई सेवाओं से जुड़े देश की 10 श्रमिक संगठनों ने सरकार द्वारा श्रम कानूनों में (श्रमिक विरोधी) बदलावों और अच्छी मजदूरी की मांग को लेकर हड़ताल की। कई स्थानों पर धरना-प्रदर्शन और जुलूस निकाले गए।इस दौरान  वाराणसी समेत पूर्वांचल में भारतीय स्टेट बैंक, काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक समेत निजी बैंको ने हड़ताल से अलग रखा था जिसके चलते ग्राहकों को राहत मिली। बैंक, बीमा, कारोबार कुल मिलाकर करीब 600 करोड़ रुपये का का कारोबार प्रभावित हुआ है।  
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एक बैंक के प्रवक्ता के अनुसार कई बैंको के ताले तक नहीं खुले। जिससे वाराणसी में लगभग 350 करोड़ का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। तो वहीं हड़ताल का सीधा असर चेकों व ड्राफ्ट के निस्तारण पर पड़ा। यहां 25 हजार से ज्यादा चेकों और ड्राफ्टों का निस्तारण नहीं हो सका। वहीं नकद, अंतरण समाशोधन आरटीजीएस नेफ्ट के चलते विभिन्न बैंकों में कारोबार प्रभावित हुआ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) के कर्मचारियों ने कुछ देर के लिए प्रदर्शन किया और बाद में अपने कामकाज पर लौट गए। एनएफपीई तथा एफएनपीओ से संबद्ध सभी यूनियनों के कर्मचारी पूरे दिन हड़ताल पर रहे।


ट्रेड यूनियनों के समर्थन में दूसरे केंद्रीय और राज्य कर्मचारी संगठनों ने भी विरोध कर हड़ताल का समर्थन किया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी हड़ताल के  समर्थन में जिला कोषागार कार्यालय प्रदर्शन किया। अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिवाकर द्विवेदी ने की। संचालन जिलामंत्री श्यामराज यादव ने किया। केंद्रीय सरकारी कर्मचारी समन्वय समिति से जुड़े सभी कार्यालयों जैसे आयकर, भूजल परिषद, सिविल डिफेंस, पुरातत्व, नागरिक उड्डयन, खादी ग्रामोद्योग आयोग आदि कार्यालयों में कर्मचारी कार्य से विरत रहे। कैंट प्रधान डाकघर के सामने संयुक्त सभा को एके मुखोपाध्याय, भानू प्रकाश सिंह, अमित सिंह, उदयभान, भूपेंद्र सिंह ने संबोधित किया। वाराणसी पूर्व मंडल के सभी डाक संघों ने शुक्रवार को अपनी 10 सूत्री मांग पत्र के समर्थन में तथा सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में एक दिवसीय डाक हड़ताल किया। इससे डाक का वितरण, बचत बैंक, मनीऑर्डर, स्पीड पोस्ट सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। एलआईसी वर्कर्स यूनियन वाराणसी डिवीजन से संबद्ध ऑल इंडिया एलआईसी इंपलाईज फेडरेशन के सदस्यों ने भेलूपुर स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम मंडल कार्यालय पर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि विदेशी निवेश के लिए विदेशी कंपनियां भारत के44 श्रम कानूनों से घबरा कर इसे खत्म करने का दबाव डाल रही हैं।
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श्रम संगठनों, औद्योगिक फेडरेशन तथा अन्य कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर 18000 न्यूनतम वेतन सहित 15 सूत्री मांगों को लेकर निजी और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक हड़ताल पर रहे। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन के बैनर तले इंजीनियरिंग, प्लास्टिक, सिल्क एवं कपड़ा, होजरी उद्योग में हड़ताल हुई। इसमें राजेश्वर सिंह, देवाशीष, बृजेश कुमार शामिल रहे। बीएसएनएल कैजुअल एंड कांट्रैक्ट वर्कर्स फेडरेशन के केंद्रीय आह्वान पर टेलीकॉम कैजुअल एंड कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन जिला शाखा भी 12 सूत्री मांगों के समर्थन में हड़ताल पर रही। धरने में जिला अध्यक्ष वीएस सिंह, हरिहर पाल, संतोष कुमार, विष्णु यादव शामिल रहे। उधर, हड़ताल को सफल बनाने के लिए एटक के राज्य सचिव अजय मुखर्जी ने कर्मचारी संगठनों को बधाई दी है।


उध्‍ार, रोडवेज कर्मचारियों की 12 घंटे की हड़ताल की वजह से रोडवेज बसों का परिचालन काफी प्रभावित हुआ। रोडवेज यूनियन के नेताओं की मानें तो करीब तीन सौ बसें नहीं चली। जिससे करीब 30 हजार यात्रियों का आवागमन प्रभावित हुआ। यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारी गुरुवार की रात 12 बजे से शुक्रवार की दोपहर 12 बजे तक हड़ताल पर थे। संगठन के क्षेत्रीय मंत्री मुमताज अहमद ने बताया कि प्रदेश सरकार से संविदा कर्मियों को नियमित करने, रोड ट्रांसपोर्ट एक्ट सेफ्टी बिल 2016 को वापस लेने, मृतक आश्रितों को नौकरी देने आदि मांगों को पूरा करने का अनुरोध किया गया है। कहा कि मांगे नहीं मानी गई तो आगे भी लड़ाई जारी रहेगा।
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