चूर्ण का ऐसे करें सेवन :
वैद्य सुशील दूबे के मुताबिक, करीब 100 ग्राम आंवला चूर्ण और 100 ग्राम हल्दी चूर्ण को अच्छे से मिला लें। इस चूर्ण को प्रतिदिन सुबह एक चम्मच लेना होगा। मधुमेह के अगर शुरुआती लक्षण होंगे तो करीब 15 दिन बाद इसका असर दिखने लगेगा।
मधुमेह के लक्षण :
बार-बार पेशाब लगना, कमजोरी महसूस होना, आलस्य और नींद का पूरा न होना, हमेशा जम्हाई आना, बालों में घनेपन की कमी, मुंह हमेशा मीठा लगना, हाथ पैर में शून्यता और जलन महसूस होना, मुंह-कंठ का सूखना।
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यह बरतें सावधानी :
देर तक न सोयें, सूर्योदय से पहले बिस्तर छोड़ दें। दही का सेवन कम से कम करें। मछली खाने से परहेज करें। नया अन्न का सेवन न करें। टहलने के दौरान नाक और मस्तक पर पसीना आए तो टहलने से बचें।
ये करें उपाय :
पुराने अन्न का सेवन करें। रोज सुबह व्यायाम करना जरूरी है। 40 साल के बाद वालों के लिए योग जरूरी है। बीमारी छिपाए नहीं, बल्कि चिकित्सक से सलाह लें।
आयुर्वेद संकाय के संकायप्रमुख प्रो यामिनी भूषण त्रिपाठी ने बताया कि असावधानी से ही इस तरह की बीमारी शुरू होती है। जीवन शैली में सुधार और खानपान पर ध्यान देने से मधुमेह से बचा जा सकता है। वेलनेस सेंटर में डायबिटीज से राहत के उपाय भी बताए जा रहे हैं।