शहर में एक दिन पहले भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान कई जगहों पर डायवर्जन, रोक के चलते यातायात का दबाव बढ़ गया था। शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं बची, जिस पर लोग जाम में न फंसे हो। पुलिस आयुक्त, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था और एडीसीपी यातायात फोर्स के साथ सड़क पर उतरे, लेकिन तैयारियां धरी की धरी रह गईं। जाम में फंसे लोगों ने यातायात व्यवस्था पर अपनी भड़ास निकाली।
यातायात पुलिस ने सुबह से ही रूट डायवर्जन लागू किया था। जबकि शहरवासियों को जानकारी पहले नहीं दी गई। सुबह जब लोग अपने काम से निकले तो उन्हें पुलिस ने डायवर्ट वाले मार्ग पर भेजा। सुबह 10 से शाम छह बजे तक लोग जाम से निजात नहीं पा सके।
सोमवार की शाम को मंडुवाडीह चौराहे से फुलवरिया को जोड़ने वाले मार्ग पर भी जाम लगा। ककरमत्ता फ्लाईओवर से एफसीआई गेट, बनारस स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार से मंडुवाडीह चौराहे पर चारों तरफ वाहनों की कतार लग गई थी। बनारस स्टेशन से चांदपुर औद्योगिक आस्थान की दूरी तय करने में उद्यमियों को एक घंटे लग गए।
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