कुछ महीने पहले से सोशल मीडिया में कौतूहल का केंद्र रही देश की पहली मॉडल ट्रेन महामना एक्सप्रेस शुक्रवार को शान से अपने पहले सफर पर निकली।
ट्रेन की यात्रा में हवाई सफर का अहसास कराने वाली बोगियों को हर किसी ने सराहा। दोपहर बाद लगभग 12:20 बजे प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जैसे ही डीरेका मैदान से हरी झंडी दिखाई, कैंट रेलवे स्टेशन से यह ट्रेन दिल्ली के लिए रवाना हो गई।
उसमें बैठे यात्रियों का उत्साह देखते बना। यात्रियों के साथ रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी भी बोगियों में दी गई नई सुविधाओं के इस्तेमाल और उसे समझने में जुटे रहे।
पहले सफर का हमसफर बनने के लिए कई लोगों ने अपने पूर्व में कराए गए रेल टिकट रद्द कराकर ‘महामना’ में सीट आरक्षित कराई थी।
कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर खड़ी महामना एक्सप्रेस को फूल-मालाओं से सजाया गया था। ट्रेन के कोचों में गूंजता मधुर संगीत लोगों को मुग्ध कर रहा था।
एसी प्रथम श्रेणी में संगीत को कम या ज्यादा करने के सिस्टम को लोग जांचते नजर आए। वहीं कई यात्री कूपे में लगे वॉश बेसिंग, पेंटिंग्स, फ्लावर पॉट्स और टीवी फ्लैश जैसी सुविधाओं को देखते-परखते नजर आए।
वातानुकूलित बोगियों की स्वचालित खिड़कियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
वहीं किनारे की सीट (साइड बर्थ) को आरामदेह बनाने के लिए टेबल के रूप में की गई तब्दीली भी लोगों को खूब रास आई। पढ़ने के लिए लगाई गई एडजस्टेबल एलईडी लाइट ने लोगों को हवाई सफर का अहसास कराया।
ऊपर के बर्थ पर चढ़ने के लिए नई प्रकार की सीढ़ियां और आकर्षक आंतरिक सजावट पर भी लोग मुग्ध नजर आए।
उत्तर रेलवे ने जब से महामना एक्सप्रेस को वाराणसी से दिल्ली वाया लखनऊ चलाने की तैयारी शुरू की तभी से यह मीडिया की सुर्खियों मे छा गई थी।
पीएम के हरी झंडी दिखाने से पहले कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म एक से लेकर नौ तक के यात्रियों का हुजूम प्लेटफार्म नंबर 4-5 पर उमड़ आया था। कोई ट्रेन के साथ सेल्फी ले रहा था तो कोई रिकार्डिंग कर रहा था।
कई लोग बाकायदा अंदर जाकर उसकी सुविधाओं को देखते, समझते रहे। हर किसी ने ट्रेन को काशी की शान बताते हुए उससे सुविधाजनक और आरामदेह सफर के अपने अहसास संजोए।