कार सवार खुद को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए साढ़े तीन लाख रुपये बकाया मांगने लगे थे। ट्रक चालक ने कोरोना संक्रमण के कारण सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए लोन वसूली में राहत देने की बात की। इसको लेकर दोनों में नोकझोंक शुरू हो गई।
श्यामानंद के मुताबिक, विवाद के दौरान कार सवारों ने उसके पिता सत्यप्रकाश पर बोतल से पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी। इस पर लोग जुट गए और चालक पर कंबल फेंककर आग बुझाई थी। उधर, भाग रहे कार सवारों में से दो लोगों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चालक को बदलापुर सीएचसी पहुंचाया था। प्रारंभिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था, वहां से वाराणसी के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।