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मुंबई से मऊ के लिए 80 लोगों से वसूले दो लाख चालीस हजार, बीच रास्ते में छोड़ कर भागा ट्रक चालक

Sun, 17 May 2020 10:23 AM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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मुंबई में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से डर कर अपने गांव लौटने वालों से पैसे वसूलने का जरिया कुछ ट्रक मालिकों ने बना लिया है। मुंबई के अलग-अलग इलाकों में रहकर कपड़े धोने वाले मऊ जिले के दोहरीघाट ब्लॉक के सियरही बरजला गावं के कुछ युवकों का रोजगार जब बंद हो गया। तो उन लोगों ने एक ट्रक चालक से संपर्क किया। ट्रक चालक ने प्रत्येक व्यक्ति से तीन तीन हजार रुपये की दर से दो लाख 40 हजार रुपये किराया वसूला और उन्हें जौनपुर जिले के गौराबादशाहपुर में उतार दिया।

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वहां कई घंटे इंतजार के बाद गिट्टी लादकर आ रहे एक अन्य ट्रक चालक को इन श्रमिकों पर दया आ गई। उसने इन्हें घर के पास घोसी तक पहुंचा दिया। इन श्रमिकों ने बताया कि इस कोरोना संकट में कुछ बुरे लोग मिल रहे हैं तो कुछ अच्छे लोग भी हैं जो मददगार साबित हो रहे हैं।


सियरही गांव का निवासी राजू 20 मार्च को मुंबई पहुंचा। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद लॉकडाउन हो गया। एक दिन भी कमाने का मौका नहीं मिला। गांव के कुछ युवकों के पास उसका खाना पीना कुछ दिन तक होता रहा। जब गांव के लोगों की भी कमाई बंद हो गई तो घर भाग आने में ही भलाई समझी।

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यूपी के कई जिलों के रहने वाले आसपास के काफी लोग घरों को लौट रहे थे, राजू भी गांव वालों के साथ ट्रक से आने की सोची। ट्रक चालक से बात की तो उसने तीन हजार रुपये किराया सुनाया। यूपी के ही कई जिलों के 80 लोगों से ट्रक चालक ने तीन तीन हजार रुपये वसूल किए । आठ मई को बिना तिरपाल के ही खुले ट्रक में पीछे से पटरा लगाकर 80 लोगों को ठूंस लिया। राजू ने बताया कि चालक ने कह रखा था कि थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहो, जिससे रास्ते में पेशाब न लगे।

इस तरह ट्रक चालक ने सियरही के छह लोगों को जौनुपर के गौराबादशाहपुर बाजार में उतार दिया। वहां से एक गिट्टी लदा ट्रक आया। राजू और उसके साथियों ने ट्रक चालक से अनुरोध किया। उसने इन्हें बिठा लिया और 10 मई को घोसी पहुंचा दिया।
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ट्रक से उतरने के बाद इन मजदूरों ने उससे किराया पूछा तो उसने इंकार करते हुए कहा कि इतनी सी मदद हमें भी करने दो। घोसी में थर्मल स्क्रीनिंग के बाद इन्हें गांव के ही मातादीन यादव ने गांव के बाहर बने अपने मकान में शरण दी। पांच दिन रहने के बाद ग्राम प्रधान ने उनसे कहा कि अब कोई बात नहीं, अपने घर चले जाओ। ग्राम प्रधान की बात मानकर 15 मई को ये लोग अपने घर चले गए और अब परिवार के साथ ही रह रहे हैं।

मुंबई के धारावी से अमिला आए दो युवक
अमिला नगर पंचायत के बीच एक मोहल्ले के दो युवक मुंबई के धारावी में रहकर कपड़े धोने का काम करते थे। कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ने पर कई खंडों में ट्रकों से दोनों युवक 14 मई को अपने कसबे पहुंचे। जांच कराने के बाद कस्बे के बाहर चौहानपुरा के पास बने अपने मकान में क्वारंटीन हैं लेकिन इनका खाना घर से बनकर जा रहा है। घर के लोगों का आना-जाना लगा है।
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