कोरोना काल में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आंशिक कर्फ्यू के साथ तमाम पाबंदियां भी लगाई गई हैं। इन पाबंदियों को परिस्थितियों के अनुसार समय-समय पर बदला भी जाता रहा है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन के आदेश पर शादी समारोह में उपस्थित मेहमानों की संख्या को फिर से बदल दिया गया है।
मंगलवार को शासन की ओर से पहले के आदेश को बदलते हुए शादी समारोहों में उपस्थित होने वाले मेहमानों की संख्या फिर से बदल दी गई। पहले आदेश के अनुसार बंद हॉल में 50 से ज्यादा और लॉन में 100 से ज्यादा व्यक्तियों को एकसाथ रुकने की अनुमति नही थी। जबकि शासन के आदेश पर बदले नए नियम के अनुसार अब शादी समारोह में एकसाथ 25 से ज्यादा मेहमानों को रुकने की अनुमति नहीं दी गई है। जबकि कई ऐसे संयुक्त परिवार हैं जिनमें 35 या उससे ज्यादा सदस्य हैं। आदेश के पहले उन्होंने 50 या 100 मेहमानों के हिसाब से निमंत्रण भी भेज दिया है। आदेश के बाद इनके सामने समस्या खड़ी हो गई है। इनमें कइयों ने लॉन और बुकिंग भी कैंसल कर दी है। जिससे इन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।
केस 1
अर्दली बाजार के रहने वाले जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव हिंडाल्को से सेवानिवृत्त हैं। 26 मई को शिवपुर बाईपास के समीप एक लॉन से उनकी बिटिया की शादी हैं। उन्होंने बताया कि घर में ही 35 सदस्य हैं। रिश्तेदारों को भी न्यौता दिया जा चुका है। अब किस किस को माना करूं।
केस 2
पहड़िया स्थित श्रीनगर कॉलोनी के रहने वाले राजेंद्र जायसवाल के बेटी की शादी 21 मई को है। उन्होंने कोविड नियमों का पालन करते हुए काफी तैयारियां भी की हैं। रिश्तेदारों को निमंत्रण भेजा था। अब 25 लोगों की उपस्थिति के आदेश जारी होने के बाद मंगवाए गए समान का क्या होगा।
केस 3
रोहनिया निवासी मुन्ना लाल पटेल के बेटी की शादी 24 मई को सुंदरपुर स्थित एक लॉन से होनी है। वर पक्ष चितईपुर के हैं। उन्होंने बताया कि नई पाबंदियों के बाद लॉन की बुकिंग रद्द करनी पड़ी। अब घर से ही कार्यक्रम किया जाएगा। बुकिंग और अन्य चीजों में काफी खर्च हो गए।