वाराणसी में शहर व ग्रामीण इलाकों की 197 औद्योगिक इकाइयों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कामकाज शुरू कराने की जिला प्रशासन ने अनुमति दी है। शुक्रवार को 50 और इकाइयों ने फैक्ट्री खोलने के लिए जिला उद्योग केंद्र में आवेदन किया है। आवश्यक वस्तुओं से जुड़े 80 से अधिक कल कारखानों में कार्य शुरू भी हो गया है।
हालांकि कड़े नियमों और मजदूरों की संख्या कम होने और पूंजी की कमी से कारखाना चलाने में उद्यमियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जिन कारखानों में 100 श्रमिकों से काम लिया जाता था, इस समय 35 से 45 श्रमिक ही काम कर रहे हैं। लिहाजा, कार्य में तेजी नहीं आ रही है।
वहीं जिला उद्योग केंद्र की एक टीम बराबर चांदपुर, करखियांव स्थित औद्योगिक इकाइयों की निगरानी भी कर रही है। उद्यमियों के अनुसार इकाइयों को शुरू करने के दौरान बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। खास करके ट्रांसपोर्ट सेवा पूरी तरह से शुरू नहीं होने के कारण बाहर से कच्चा माल नहीं आ पा रहा तो वहीं इधर से पक्का माल भी जल्दी नहीं जा पाएगा।
सबसे बड़ी चुनौती 70 प्रतिशत गैर जनपदों और गैर राज्यों के मजदूरों को वापस लाने की है। एक सबसे बड़ी परेशानी उद्यमियों के सामने पूंजी की है। डेढ़ से दो माह तक इकाइयां बंद रहीं, बिजली बिल, कामगारों को सवेतन दिया। घर के खर्चों में पैसा सब खत्म हो गया। उद्यमियों के अनुसार बहुत मेहनत और आर्थिक पैकेज के बूते ही कारखाने रफ्तार पकड़ सकेंगे।