गोद में उठाकर पैदल पहुंचा जिलाधिकारी कार्यालय
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह द्वारा प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। मिर्जापुर जिला अस्पताल में एक गुरुवार को ऐसा ही मामला सामने आया है।
यहां चार दिनों से जिला अस्पताल में भर्ती 10 वर्षीय बेटे का इलाज नहीं होने से मायूस पिता गुरुवार को पैदल ही बीमार बच्चे को गोद में लेकर डीएम ऑफिस पहुंच गए। जहां डीएम के न रहने पर उनसे मिलने की आस में परिवार के लोग काफी देर तक कलेक्ट्रेट में इंतजार करते रहे लेकिन वह नहीं आए।
इसी बीच बच्चे की हालत और खराब होने पर वहां मौजूद लोगों ने बालक को आनन फानन में स्कूटी पर बैठा कर जिला चिकित्सालय पहुंचा कर उसे भर्ती कराया। जानकारी होने पर डीएम ने सीएमओ को बालक का समुचित उपचार कराने का निर्देश दिया।
बताते हैं कि लालगंज थाना क्षेत्र के पतार कला गांव निवासी पप्पू कोल का इकलौता बेटा शिवा काफी दिनों से बुखार से पीड़ित है। जिसे सीएचसी लालगंज में भर्ती किया गया। हालत चिंताजनक होने पर उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया।
चार दिनों से जिला चिकित्सालय में भर्ती बालक का समुचित इलाज नहीं होने से परिजन आक्रोशित हो गए और गुरुवार को लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामा देख चिकित्सकों ने आनन फानन में भर्ती मरीज को रेफर कर अपना पीछा छुड़ाना चाहा लेकिन परिजन बालक को बनारस ले जाने की बजाय उसे गोद में लेकर पैदल जिला मुख्यालय डीएम के पास पहुंच गए, लेकिन जिलाधिकारी खाना खाने चले गए जिससे उसकी मुलाकात नहीं हो सकी।
जिलाधिकारी से न मिल पाने से वह मायूस हो गया इसी बीच लड़के की तबियत और खराब होने लगी तो कुछ समाज सेवियों ने उसे अपने वाहन से जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। मामला बढ़ते देख बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मौके पर पहुंच कर इलाज में जुट गए।