प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बने वाराणसी नगर निगम के चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं। भाजपा, कांग्रेस, सपा के अलावा बसपा, सुहेलदेव भासपा और एक निर्दल समेत कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं।
प्रचार अभियान थमने के बाद घर-घर जाकर मतदाताओं को रिझाने की मशक्कत में जुटे उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं लेकिन समीकरणों की बिसात पर बाजी किसके हाथ लगेगी, यह मतगणना के बाद ही तय हो पाएगा।
हालांकि अब तक के चुनावी माहौल और रुझानों के आधार पर त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर उभरकर सामने आई है। सियासी रणनीतिकार मानते हैं कि चुनाव में पार्टियों के परंपरागत वोटों के साथ ही जातिगत समीकरण भी भूमिका निभाएंगे।
राजनीति में दिलचस्पी न रखने वाले सामान्य मतदाताओं का रुझान भी अहम साबित होगा। महापौर पद की प्रत्याशियों में भाजपा से मृदुला जायसवाल हैं जबकि कांग्रेस से शालिनी यादव और सपा से साधना गुप्ता। बसपा से सुधा चौरसिया, सुहेलदेव भासपा से आरती पटेल के अलावा निर्दल अनीता गुप्ता चुनाव मैदान में हैं।