वाराणसी में रोपवे के सफर का काउंटडाउन शुरू हो गया है। रक्षाबंधन के बाद रोपवे के 148 गंडोला का ट्रायल होगा। रोपवे के स्टेशनों पर दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाएं हैं।
रोपवे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। गोदौलिया स्टेशन पर फ्लोरिंग का काम चल रहा है। यहां फ्लोर पर लोहे की चादरों की वेल्डिंग की जा रही है। हुक टेस्टिंग के बाद 148 गंडोला का ट्रायल होना है। सावन की वजह से ट्रायल रक्षाबंधन के बाद होगा। इस समय रथयात्रा से गोदौलिया मार्ग पर शिवभक्तों की भीड़ है। इसे ध्यान में रखकर ट्रायल को रक्षाबंधन बाद रखा गया है।
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अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। यह परियोजना शहर के सबसे व्यस्त कॉरिडोर पर यात्रियों को तीव्र और सुरक्षित परिवहन सुविधा प्रदान करेगी। यूरोपियन स्टैंडर्ड के उपकरण लगाए जा रहे हैं। स्विटजरलैंड के इंजीनियरों की देखरेख में कामकाज कराया जा रहा है। सुरक्षा की गहन जांच की जा रही है।
यह टेस्टिंग एक बार नहीं बल्कि कम से कम चार बार दोहराई जाती है। रोपवे के स्टेशनों पर दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाएं हैं। अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल टिकटिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है। बता दें कि रोपवे से कैंट से गोदौलिया तक की यात्रा 16 मिनट में पूरी हो सकेगी।