प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद की देखरेख में दवा का ट्रायल चल रहा है। खास बात यह है कि उन्हीं मरीजों पर ट्रायल किया जा रहा है जिनका ऑक्सीजन लेवल 90 से ऊपर है। इस वजह से थोड़ी देर भी हुई। क्योंकि दूसरी लहर की शुरुआत में ऐसे बहुत कम ही मरीज देखने को मिले जिनका ऑक्सीजन स्तर 90 से कम हो। ऐसे 100 मरीजों पर ट्रायल में सबसे ज्यादा 75 होम आइसोलेशन वाले हैं जबकि 25 मरीज अस्पतालों में भर्ती थे।
प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि एक मरीज को 21 दिन तक दवा देनी है। 18 मई से ही ट्रायल शुरू हुआ है। इस हिसाब से जुलाई में परिणाम आने के बाद इसे सीएसआईआर में भेजा जाएगा। साथ ही प्रकाशन के लिए भेजा जाएगा।