प्रभागीय वनाधिकारी महावीर काजलगी ने बताया कि इस सत्र पर्यावरण और किसानों की मांग के अनुरूप वृहद पौधरोपण की तैयारी की गई है। पर्यावरण के बेहतरी के लिए इस बार ज्यादा से ज्यादा साइकस प्रजाति के पौधरोपण की किए जाएंगे।
जिसमें पीपल, बरगद और पाकड़ मुख्य होंगे। इसके अलावा इस बार कई योजनाओं के तहत किसानों की मांग के मुताबिक फल और औषधीय युक्त पौधारोपण कराने की तैयारी है। इस बार किसानों काे आम, अमरूद, सहजन, सागौन पौध दिए जाएंगे।
इसके अलावा इस बार पंचकोसी मार्ग पर कचनार, गुलमोहर जैसे पौध रोपण के बाद इस सत्र में गंगा किनारे बसे गांव मुख्यमार्गों पर अशोक, कचनार, गुलमोहर जैसे पौधरोपण कर मार्गों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके 4000 ब्रिग गार्ड तैयार किये गए है।