एक घंटे पर मेज पर बैठाकर किया इलाज
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बिना इलाज लौटते हैं मरीज
इमरजेंसी में बेड का संकट बरकरार है। हर दिन कुछ मरीज इलाज कराए बगैर ही वापस जाते हैं। शनिवार को जौनपुर, गाजीपुर के साथ ही लंका, पहड़िया, भिखारीपुर क्षेत्र से आए कई मरीज इमरजेंसी वार्ड के बाहर से लौट गए। पूछने पर पता चला कि भीड़ बहुत है। मरीजों की स्थिति गंभीर है। अब निजी अस्पताल में भर्ती कराएंगे। हालांकि, निजी अस्पतालों में खर्च बढ़ेगा, लेकिन समय से इलाज मिल जाएगा। बीएचयू की इमरजेंसी में इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
एक नजर में
इमरजेंसी वार्ड में कुल बेड-100
भूतल पर उपलब्ध बेड-20 बेड
हर दिन इमरजेंसी में आने वाले मरीज-300 से 400
बेड के अभाव में लौटने वाले मरीज-20 से 30
एक भी स्ट्रेचर नहीं दिखा
बीएचयू में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने का दावा अस्पताल प्रशासन करता है, लेकिन हकीकत कुछ और मिला। शनिवार दोपहर में यहां स्ट्रेचर कॉर्नर पर एक भी स्ट्रेचर नहीं मिला। इमरजेंसी में बेड मिलने में दिक्कत आई।