आने वाले दिनों में ट्रीटेड वॉटर का दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा। अब तक यह पानी गंगा में छोड़ा जाता है। अब ट्रीटेड वॉटर का इस्तेमाल आग से बचाव, पौधों की सिंचाई में किया जाएगा। स्मार्ट सिटी कार्यालय में नगर निगम, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय, सरकार से अनुबंधित संस्था काउंसिल आफ एनर्जी, एनवायरमेंट एंड वॉटर की संयुक्त बैठक हुई।
बैठक में बताया गया कि उपचारित घरेलू पानी को पुनः प्रयोग में लाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसकी महत्ता के बारे में प्रोग्राम लीडर नितिन बस्सी ने प्रस्तुतिकरण दिया। इस परियोजना के क्रियान्वयन के बाद स्वच्छ पानी के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा। तथा उपचारित पानी को विभिन्न कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। निर्माण कार्यों, उद्यान संबंधी कार्यों, फायर फाइटिंग कार्य, सड़कों/डिवाइडरों की धुलाई, गाड़ियों की धुलाई में प्रयोग किया जाएगा।
नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने इन संस्थाओं के प्रतिनिधियों को नगर क्षेत्र की स्थिति, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, फायर स्टेशन, कुंडों/तालाबों, वरुणा व अस्सी नदी का भौतिक निरीक्षण कर विस्तृत परीक्षण करने को कहा। जिससे कि परियोजना का क्रियान्वयन सुविधाजनक तरीके से हो सके। जल निगम और जलकल विभाग, नगर निगम को सहयोग करने के लिए नगर आयुक्त ने निर्देशित किया।